Sonbhadra News: बभनी ब्लॉक क्षेत्र में धूमधाम से मनाई गई गांधी-शास्त्री जयंती, अहिंसा और सादगी का दिया संदेश.
बभनी ब्लॉक क्षेत्र में गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाई गई। परिषदीय विद्यालयों में प्रभातफेरी, ध्वजारोहण और रामधुन के साथ दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि दी गई। ब्लॉक कार्यालय समेत विभिन्न संस्थानों में स्वच्छता अभियान चलाकर सत्य, अहिंसा और सादगी के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।
sonbhadra
2:58 PM, Oct 2, 2026
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बभनी क्षेत्र के विद्यालयों में गांधी-शास्त्री जयंती पर छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने महापुरुषों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
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Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, बभनी।
सोनभद्र।
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बभनी ब्लॉक क्षेत्र में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती शुक्रवार को श्रद्धा, उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर परिषदीय विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं ने प्रभातफेरी निकाली। इसके बाद विद्यालयों में ध्वजारोहण कर महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए। बच्चों और शिक्षकों ने रामधुन का गायन कर वातावरण को देशभक्ति और श्रद्धा से भर दिया। बभनी ब्लॉक कार्यालय, थाना परिसर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और पशु चिकित्सालय समेत विभिन्न सरकारी संस्थानों में भी ध्वजारोहण किया गया।अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों के जीवन और उनके विचारों को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रमों के दौरान वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों के माध्यम से देश के स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। वहीं लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की मिसाल कायम की। उनका ‘जय जवान, जय किसान’ का संदेश आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है। गांधी जयंती के अवसर पर बभनी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर विशेष साफ-सफाई और स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। विद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। कई स्थानों पर विचार गोष्ठियों का आयोजन कर गांधी जी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के विचारों पर चर्चा की गई। विद्यालयों, कार्यालयों और सामाजिक संस्थानों में आयोजित कार्यक्रमों में लोगों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। छात्र-छात्राओं को दोनों महापुरुषों के जीवन और संघर्ष से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रमों में यह संदेश दिया गया कि गांधी और शास्त्री के आदर्श केवल जयंती तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें दैनिक जीवन और सामाजिक व्यवहार में अपनाया जाए। सत्य, अहिंसा, सादगी, स्वच्छता और सेवा भाव को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया गया।


