Sonbhadra News: गैंगस्टर एक्ट में गैंग लीडर दीपू रावत को 2 वर्ष की कैद, ₹5 हजार जुर्माना.
सोनभद्र की विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट की अदालत ने गैंग लीडर दीपू रावत को गैंगस्टर एक्ट के मामले में दोषी ठहराते हुए 2 वर्ष के कारावास और ₹5 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समाहित करने का आदेश दिया है। यह मामला अनपरा थाने में वर्ष 2024 में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे से जुड़ा है।
sonbhadra
6:48 PM, Jul 17, 2026
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गैंगस्टर एक्ट मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी करने वाले सरकारी अधिवक्ता धनंजय शुक्ला।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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करीब डेढ़ वर्ष पूर्व दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले में विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) सोनभद्र हरिकेश कुमार की अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई पूरी करते हुए गैंग लीडर दीपू रावत को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे दो वर्ष के कारावास तथा ₹5 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही न्यायालय ने आदेश दिया कि अभियुक्त द्वारा जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अनपरा थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज पांडेय ने 10 अक्टूबर 2024 को गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तहरीर में बताया गया था कि कौव्वानाला, सरकारी स्कूल के पास, थाना अनपरा निवासी दीपू रावत पुत्र स्व. ददुना रावत एक सक्रिय आपराधिक गैंग का सरगना है। उसके गैंग में रविशंकर पुत्र रामधनी निवासी संतोषी माता मंदिर के पास, कौव्वानाला भी सक्रिय सदस्य के रूप में शामिल था। पुलिस के अनुसार, गैंग के सदस्य चोरी, धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न आपराधिक मामलों में संलिप्त रहे हैं। आरोप था कि गैंग के सदस्य लोगों में भय का माहौल बनाकर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करते थे। उनके आतंक के कारण क्षेत्र के लोग न तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का साहस जुटा पाते थे और न ही गवाही देने के लिए आगे आते थे। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की गहन विवेचना की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विवेचक ने गैंग लीडर दीपू रावत के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनीं, गवाहों के बयान तथा उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। सभी साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद विशेष न्यायाधीश हरिकेश कुमार ने दीपू रावत को गैंगस्टर एक्ट के आरोप में दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के कारावास और ₹5 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता धनंजय शुक्ला ने प्रभावी पैरवी की।



