Sonbhadra News: एक साल से भूख के अंधेरे में उम्मीद की रोशनी जला रहा ‘गौ वसुंधरा नर सेवा फाउंडेशन’ ने मनाया गौ पूजन के साथ पहली वर्षगांठ.
गौ वसुंधरा नर सेवा फाउंडेशन ने अपनी प्रथम वर्षगांठ पर गौ पूजन कर गौ माता को 108 प्रकार के भोग अर्पित किए। वर्षगांठ पर करीब 100 जरूरतमंदों को रात्रि भोजन कराया गया और मिठाई बांटकर खुशी साझा की गई। संस्था पिछले एक वर्ष से चोपन में हर रात जरूरतमंद, असहाय और दिव्यांग लोगों तक भोजन पहुंचा रही है।
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5:22 PM, Sep 14, 2026
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पूजन कर गौ पूजन कर 108 प्रकार के भोग अर्पित करते श्रद्धालु।
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Story By: अनुज जायसवाल।
सोनभद्र।
किसी के लिए रात का खाना दिनचर्या का हिस्सा हो सकता है, लेकिन किसी भूखे के लिए वही एक निवाला पूरी दुनिया की खुशी बन जाता है। चोपन नगर में पिछले एक वर्ष से संगठन इसी एहसास को अपना संकल्प बनाकर हर रात जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचा रहे हैं। जिससे बहुत से असहाय लोग लाभान्वित हो रहे है। गौरतलब हो कि गौ वसुंधरा नर सेवा फाउंडेशन ने अपनी प्रथम वर्षगांठ भी किसी भव्य आयोजन के बजाय सेवा और संवेदना के साथ मनाई। वर्षगांठ के अवसर पर गौशाला में गौ माता का विधि-विधान से पूजन किया गया। साथ ही गौ माता को 108 प्रकार के भोग अर्पित किए गए। इस दौरान संस्था के सदस्यों ने गौसेवा के साथ जरूरतमंद परिवारों से मुलाकात की और उनकी परेशानियों को करीब से समझा।
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सेवा का यह भाव केवल रस्म बनकर न रह जाए, इसके लिए सदस्यों ने आगे भी इसी तरह जरूरतमंदों का सहारा बनने का संकल्प दोहराया। इसके बाद शाम होते ही सेवा का दूसरा पड़ाव शुरू हुआ। प्रतिदिन की तरह रात आठ बजे भोजन सेवा आयोजित की गई। जिसमे करीब 100 लोगों ने भोजन ग्रहण किया। किसी के चेहरे पर भूख मिटने की राहत थी तो किसी के लिए यह एहसास कि इस भीड़ भरी दुनिया में कोई उन्हें याद करने वाला भी है। एक वर्ष पहले शुरू हुई यह पहल आज चोपन नगर के साथ अन्य क्षेत्रों के कई जरूरतमंद लोगों के लिए उम्मीद बन चुकी है। संस्था के सदस्य बैरियर से चोपन के अंतिम कोने तक ऐसे लोगों की तलाश करते हैं, जिन्हें भोजन की सबसे अधिक जरूरत होती है। रेलवे स्टेशन, सड़क किनारे और नगर के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर मानसिक रूप से वंचित, दिव्यांग, असहाय और जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इस सेवा की खासियत यह है कि भोजन पाने वालों को किसी कतार में खड़ा होकर अपनी मजबूरी बताने की जरूरत नहीं पड़ती। संस्था के सदस्य खुद उन तक पहुंचते हैं, जहां अक्सर समाज की नजर नहीं पहुंच पाती। प्रथम वर्षगांठ पर उपस्थित लोगों के बीच मिठाई भी बांटी गई। लेकिन असली मिठास उन चेहरों पर दिखाई दी, जिनके लिए किसी ने अपनेपन से भोजन परोसा।
संस्था का उद्देश्य केवल पेट भरना नहीं, बल्कि भूख से जूझ रहे इंसान को सम्मान और अपनापन देना है। मौसम की कठनाईओ को भी संस्था के सदस्यों ने आड़े हाथ आने नहीं दिया, चाहे कड़ाके की ठण्ड हो या बरसात के मौसम में बारिश की बौछारे लगातार पड़ रही हो फिर भी सेवा का संकल्प टूटने नहीं पाया। एक साल पूरा होने पर फाउंडेशन ने अपने सेवा संकल्प को और मजबूत किया। संदेश साफ है- जहां किसी की थाली खाली होगी, वहां तक सेवा पहुंचाने की कोशिश जारी रहेगी। क्योंकि कभी-कभी एक वक्त का भोजन सिर्फ भूख नहीं मिटाता, बल्कि किसी टूटे हुए मन को यह भरोसा भी देता है कि इंसानियत अभी जिंदा है। इस दौरान खास मौके को खास बनाने के लिए समस्त गौ वसुंधरा नर सेवा परिवार उपस्थित रहा।



