Sonbhadra News: जिले में सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति विफल, अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध खनन का बोलबाला, मशीनों के प्रयोग से छाई बेरोजगारी.
मंगला प्रसाद नामक खदान में प्रतिबंधित नावों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है,बड़ी-बड़ी मशीनों का प्रयोग कर पहाड़ों को छलनी किया जा रहा है। नियमों के विपरीत सैकड़ों की संख्या में छेद करके ब्लास्टिंग की जा रही है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर कंप्रेसर और लोडिंग का काम जारी रहता है। भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा के जिला मंत्री पंकज गौतम ने अवैध खनन पर चिंता ज़ाहिर की है।
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4:36 PM, Oct 14, 2025
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प्रतिबंधित मशीनों का प्रयोग बड़े पैमाने पर।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
जिले में अवैध खनन का बोलबाला है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति विफल होती दिख रही है। खनन और DGMS विभाग को IGRS और RTI के तहत बड़ी संख्या में शिकायतें मिली हैं, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो रहा। क्योकि अधिकारी शिकायतों का संज्ञान नहीं लेते। बात करे बिल्ली मारकुंडी, ओबरा निवासी मंगला प्रसाद के पट्टे की तो दर्जनों व्यवसायियों ने सिंडिकेट बनाकर एक बड़े व्यवसायी को 2 साल की खनन की जिम्मेदारी सौंपी है।
यह व्यवसायी निर्धारित रकबे के सीमांकन से कहीं अधिक खनन कर रहे है। पानी से भरी खदानों से पानी निकालने के लिए प्रतिबंधित बड़ी नावों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है। खनन में बड़ी-बड़ी मशीनों का प्रयोग कर पहाड़ों को छलनी किया जा रहा है। छेद करने के लिए दिन-रात कंप्रेसर मशीनें चल रही हैं।
नियमों के विपरीत सैकड़ों की संख्या में छेद करके ब्लास्टिंग की जा रही है। रात के समय पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर कंप्रेसर और लोडिंग का काम जारी रहता है। भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा के जिला मंत्री पंकज गौतम ने अवैध खनन को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि खनन व्यवसायी और अधिकारी मिलकर सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को विफल कर रहे हैं, जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है।
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गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास खनन मंत्रालय होने के बावजूद, खनन अधिकारी और कुछ चुनिंदा व्यवसायी मिलकर अनियमितताओं को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
गौतम के अनुसार, खदानों में भरे पानी को निकालने के लिए नावों पर मोटर लगाकर भारी मात्रा में पानी की निकासी की जा रही है, जो नियमों के विरुद्ध है। पंकज गौतम ने नावों पर मोटर लगाकर पानी निकालने की प्रथा को गलत बताते हुए इस पर पाबंदी लगाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने की बात कही। उन्होंने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष उठाने का संकल्प लिया।
इसके अतिरिक्त, खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) के नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना बेंच बनाए पहाड़ों को काटा जा रहा है। अवैध खनन में बड़ी मशीनों के प्रयोग से स्थानीय मजदूरों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है। रोजगार न मिलने के कारण लोग पलायन करने को मजबूर हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी दबंग व्यवसायी को स्वीकार नहीं करती और खनन व्यवसायियों को सरकार की खनन नीतियों के अनुसार ही खनन करना चाहिए। गौतम ने कहा कि यदि खनन विभाग ईमानदारी से कार्य करता, तो अवैध खनन की यह स्थिति नहीं बनती और सरकार की छवि धूमिल नहीं होती।



