Sonbhadra News: HBN Dairies के जमाकर्ताओं का पैसा वापस कराने की मांग, संपत्तियों की बिक्री में तेजी लाए सरकार: भाकपा.
भाकपा ने HBN Dairies में निवेश करने वाले गरीब मजदूरों, किसानों और छोटे जमाकर्ताओं का पैसा वापस कराने की मांग उठाई। पार्टी ने ₹1,136 करोड़ के रिकवरी सर्टिफिकेट के तहत वसूली, भुगतान और बकाया राशि का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। देव कुमार विश्वकर्मा ने कुर्क संपत्तियों की बिक्री में तेजी लाकर पात्र निवेशकों को नियमानुसार भुगतान करने की अपील की।
sonbhadra
11:52 AM, Oct 15, 2026
Share:


प्रकृति के बीच सादगीपूर्ण अंदाज में नजर आते देव कुमार विश्वकर्मा, जनसरोकारों और सामाजिक मुद्दों के प्रति समर्पित व्यक्तित्व की पहचान।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, बभनी।
सोनभद्र।
विज्ञापन
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने HBN Dairies & Allied Ltd. में आरडी-एफडी के माध्यम से अपनी जीवनभर की कमाई जमा करने वाले गरीब मजदूरों, किसानों और छोटे निवेशकों की धनराशि वापस कराने की मांग की है। पार्टी ने संबंधित संपत्तियों की नीलामी और बिक्री की प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ ही जमाकर्ताओं को भुगतान के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने की मांग उठाई है। भाकपा के जिला सह सचिव देव कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि HBN Dairies में निवेश करने वाले लोगों की मेहनत की कमाई लंबे समय से फंसी हुई है। इससे गरीब परिवारों और छोटे निवेशकों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि निवेशकों की धनराशि वापस कराने के लिए सरकार और संबंधित नियामक संस्थाओं को गंभीरता से पहल करनी चाहिए। पार्टी के अनुसार, Recovery Certificate No. 1216 of 2017 के तहत भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की वसूली कार्रवाई चल रही है। भाकपा ने बताया कि संबंधित रिकवरी सर्टिफिकेट में ₹1,136 करोड़ की राशि दर्ज है। पार्टी ने सवाल उठाया कि अब तक वास्तव में कितनी धनराशि की वसूली हुई है और कितनी राशि बकाया है, इसकी स्पष्ट एवं अद्यतन जानकारी जमाकर्ताओं के सामने सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है। भाकपा ने मांग की कि HBN की कुर्क की गई अचल एवं अन्य संपत्तियों की नीलामी और बिक्री की प्रक्रिया तेज की जाए, ताकि उससे प्राप्त धनराशि पात्र निवेशकों को वापस की जा सके। पार्टी ने यह भी कहा कि वर्ष 2017 में सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) से संबंधित संपत्तियों की बिक्री के जरिए निवेशकों की देय राशि चुकाने की दिशा में कार्रवाई का रास्ता खुला था। ऐसे में वसूली प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति और उसमें हो रही देरी के कारणों को स्पष्ट किया जाना चाहिए। पार्टी ने HBN से संबंधित कंपनियों के बीच धनराशि के कथित हस्तांतरण या कन्वर्जन की कानूनी स्थिति भी सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि किसी अन्य संस्था पर जमाकर्ताओं की धनराशि से संबंधित कोई वैधानिक जिम्मेदारी बनती है, तो उसकी जानकारी भी स्पष्ट की जानी चाहिए। भाकपा की प्रमुख मांगों में रिकवरी सर्टिफिकेट के तहत कुल वसूली, अब तक किए गए भुगतान और शेष बकाया का पूरा विवरण सार्वजनिक करना, कुर्क संपत्तियों की बिक्री में तेजी लाना, पात्र जमाकर्ताओं को मूल जमा राशि के साथ नियमानुसार देय ब्याज एवं अन्य वैधानिक देयताओं का भुगतान करना तथा छोटे निवेशकों के दावों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करना शामिल है। देव कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि गरीब मजदूरों, किसानों और आम निवेशकों की जीवनभर की बचत को वर्षों तक फंसा रहना गंभीर चिंता का विषय है। सरकार और संबंधित नियामक संस्थाओं को निवेशकों की धनराशि वापस कराने के लिए पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।



