Sonbhadra News: मेधावी छात्रों का सम्मान कर बोले मंत्री रविंद्र जायसवाल, नकल विहीन परीक्षाओं से निखर रही प्रतिभाएं.
जनपद भ्रमण पर पहुंचे राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में प्रतिभाग कर हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
sonbhadra
4:03 PM, Jun 1, 2026
Share:


सरकार मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने के साथ-साथ उन्हें प्रोत्साहन राशि और प्रमाण पत्र भी प्रदान कर रही है।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
उत्तर प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क तथा पंजीयन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल सोमवार को जनपद सोनभद्र के दौरे पर पहुंचे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह सुबह वाराणसी स्थित सर्किट हाउस से प्रस्थान कर कलेक्ट्रेट सभागार पहुंचे, जहां आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। इसके बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में भाग लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की। मेधावी छात्र सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि वर्तमान सरकार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी परीक्षा में पेपर लीक होने की शंका भी होती है तो सरकार उसे निरस्त करने में संकोच नहीं करती, ताकि प्रत्येक अभ्यर्थी को निष्पक्ष अवसर मिल सके।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पहले के समय में परीक्षा प्रणाली को लेकर कई तरह के सवाल उठते थे और चयन प्रक्रिया पर भी संदेह व्यक्त किया जाता था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि मेहनत करने वाले छात्रों को उनका अधिकार और उचित अवसर मिले। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए गए हैं। पहले कई विद्यालयों में पर्याप्त कक्षाएं, फर्नीचर, शौचालय और शिक्षकों की कमी थी, लेकिन सरकार ने अभियान चलाकर इन कमियों को दूर करने का काम किया है। आज स्कूलों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नकल विहीन परीक्षाओं से वास्तविक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। जो छात्र-छात्राएं दिन-रात मेहनत करते हैं, उन्हें अब अपनी योग्यता के आधार पर सफलता प्राप्त हो रही है। इससे युवाओं में प्रतिस्पर्धा की स्वस्थ भावना विकसित हो रही है और शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का विश्वास भी मजबूत हुआ है।
रविंद्र जायसवाल ने कहा कि सरकार मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने के साथ-साथ उन्हें प्रोत्साहन राशि और प्रमाण पत्र भी प्रदान कर रही है। इसका उद्देश्य अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित करना है ताकि वे कठिन परिश्रम कर भविष्य में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि देश और समाज के विकास के लिए शिक्षित एवं प्रतिभाशाली युवाओं की आवश्यकता है। देश को अच्छे वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी, शिक्षक, किसान और व्यापारी चाहिए। जब युवा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपने क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे, तभी देश की प्रगति और अधिक तेज होगी। मंत्री ने विद्यार्थियों से जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और देश व समाज के लिए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज सम्मानित होने वाले छात्र-छात्राएं आने वाले समय में अपने परिवार, जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं शिक्षकों ने भी मेधावी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। वहीं विद्यार्थियों ने भी संकल्प लिया कि वे शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर मेहनत कर अपने सपनों को साकार करेंगे और देश की उन्नति में योगदान देंगे।
