Sonbhadra News: नाबालिग बालिका को बेचने वाले मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार.
मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विपिन निवासी मिर्जापुर और काजल उर्फ मंजू निवासी कोन, सोनभद्र के रूप में हुई है। दोनों को मुखबिर की सूचना पर रॉबर्ट्सगंज फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार किया गया।
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10:14 PM, Jun 4, 2026
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मानव तस्करी गिरोह का खुलासा करते क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा, साथ में गिरफ्तार आरोपी और पुलिस टीम।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सोनभद्र पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने एक संगठित मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह ने एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर विभिन्न राज्यों में ले जाकर आर्थिक लाभ के लिए कई लोगों को सौंपा था। मामले में लाखों रुपये के लेन-देन की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा एवं प्रभारी निरीक्षक रॉबर्ट्सगंज के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। थाना रॉबर्ट्सगंज में दर्ज मुकदमा संख्या 109/2026 के तहत वांछित दो अभियुक्तों को गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर रॉबर्ट्सगंज फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विपिन पुत्र रमाशंकर उर्फ गन्नू निवासी दुमदुमा थाना चुनार जनपद मिर्जापुर तथा काजल उर्फ मंजू पत्नी पवन चौधरी निवासी खरौंधी थाना कोन जनपद सोनभद्र के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं एवं पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस के अनुसार विवेचना और पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए और मानव तस्करी गिरोह के अन्य सदस्यों की मदद से उसे विभिन्न राज्यों में कई व्यक्तियों को सौंपा। इस दौरान बालिका का शारीरिक और मानसिक शोषण किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि बालिका के बदले लाखों रुपये का लेन-देन किया गया था। क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा ने बताया कि 9 फरवरी 2026 को पीड़िता के माता-पिता द्वारा बेटी के गायब होने की सूचना दी गई थी, जिसके बाद रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना में पता चला कि काजल और उसका सहयोगी विपिन बालिका को जन्मदिन मनाने के बहाने वाराणसी ले गए थे। वहां गिरोह के अन्य सदस्य उनसे मिले और फिर बालिका को आगरा तथा राजस्थान ले जाया गया, जहां उसे पैसों के बदले बेच दिया गया। पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। मामले में पांच अन्य लोगों के नाम भी प्रकाश में आए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया है और लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि मानव तस्करी के पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है और इस अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
