Sonbhadra News: अवैध अस्पताल या मौत की दुकान? इलाज के दौरान महिला की मौत, संचालक फरार.
सोनभद्र के चौकी सुकृत क्षेत्र अंतर्गत बट गांव स्थित हिंदुस्तान पेट्रोल पंप के पास संचालित शिव शांति चिकित्सालय में उपचार के दौरान एक महिला की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार नेवारी गांव निवासी 45 वर्षीय सीता देवी को चक्कर आने की शिकायत पर परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि अस्पताल में मौजूद कथित चिकित्सक ने बिना समुचित जांच के महिला को ड्रिप चढ़ाई और इंजेक्शन लगाया।
sonbhadra
7:56 PM, Jun 4, 2026
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शिव शांति चिकित्सालय में महिला की मौत के बाद मौके पर जुटी भीड़, जांच में जुटी सुकृत पुलिस।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
जनपद में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर प्रभावी कार्रवाई न होने का खामियाजा आम लोगों को अपनी जान गंवाकर चुकाना पड़ रहा है। ताजा मामला चौकी सुकृत क्षेत्र के ग्राम बट स्थित पेट्रोल पंप के समीप संचालित शिव शांति चिकित्सालय का है, जहां उपचार के दौरान एक महिला की मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। घटना के बाद अस्पताल संचालक के मौके से फरार होने की चर्चा है, जिससे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। जानकारी के अनुसार जुगैल थाना क्षेत्र के नेवारी गांव निवासी 45 वर्षीय सीता देवी पत्नी सफेद को चक्कर आने की शिकायत हुई थी। परिजन उन्हें उपचार के लिए शिव शांति चिकित्सालय लेकर पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल में मौजूद कथित चिकित्सक द्वारा महिला की समुचित जांच किए बिना उसे ड्रिप चढ़ाई गई और इंजेक्शन लगाया गया। परिजनों का कहना है कि दवा और इंजेक्शन दिए जाने के कुछ ही देर बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ने लगी।
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परिजनों के मुताबिक महिला की तबीयत लगातार खराब होती गई और कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई। महिला की मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल संचालक अस्पताल बंद कर मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद चौकी प्रभारी सुकृत भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं परिजनों से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
महिला की मौत के बाद क्षेत्र में अवैध अस्पतालों और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कई निजी अस्पताल बिना आवश्यक मानकों और योग्य चिकित्सकों के संचालित हो रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से इनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे अस्पतालों की जांच और निगरानी की जाए तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है। मृतका के परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और जिले में संचालित अवैध अस्पतालों पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
