Sonbhadra News: मेडिकल कॉलेज में सेकड़ों छात्रों का धरना, नए नियमों पर प्राचार्य ने दी सफाई.
सोनभद्र मेडिकल कॉलेज में नए नियमों और विभिन्न समस्याओं को लेकर द्वितीय व तृतीय वर्ष के करीब सेकड़ों छात्र धरने पर बैठ गए। प्राचार्य आईजेन भट्टाचार्य और कोतवाल धर्मेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को समझाने का प्रयास किया। प्राचार्य ने सुरक्षा और अनुशासन का हवाला देते हुए नियमों का बचाव किया तथा छात्रों से लिखित मांगपत्र देने की अपील की।
sonbhadra
9:00 PM, Oct 23, 2026
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मेडिकल कॉलेज में नए नियमों के विरोध में धरने पर बैठे छात्र, मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाने का किया प्रयास।
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Story By: विकास कुमार हलचल।
सोनभद्र।
स्वशासी मेडिकल कॉलेज में नए नियमों और विभिन्न समस्याओं को लेकर द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के करीब सेकड़ों छात्र मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए धरनास्थल पर ही प्राचार्य को बुलाने की मांग की। सूचना मिलने पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य आईजेन भट्टाचार्य और कोतवाल धर्मेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे।
कक्षाओं के समय कैंपस से बाहर जाने पर रोक-:
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य आईजेन भट्टाचार्य ने नए नियमों को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा कि हॉस्टल में अनुशासन बनाए रखने और छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कुछ नियम लागू किए गए हैं। फैकल्टी की ओर से शिकायत मिली थी कि छात्र नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक कक्षाओं के दौरान छात्रों के कैंपस से बाहर जाने पर रोक लगाई गई है। उन्होंने बताया कि शाम 5 बजे के बाद खरीदारी और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए संस्थान की बस उपलब्ध कराई गई है। छात्रों को शाम 7 बजे तक उसी बस से वापस लौटना होगा। शनिवार और रविवार को भी निर्धारित समय के अनुसार शहर जाने की अनुमति देने का प्रावधान रखा गया है।
सुरक्षा के मद्देनजर निजी वाहनों पर प्रतिबंध-:
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प्राचार्य ने कहा कि छात्रों के निजी वाहनों, विशेषकर बाइक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध सुरक्षा कारणों से लगाया गया है। कुछ महीने पहले संस्थान के एक डॉक्टर की बाइक दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। संस्थान नहीं चाहता कि भविष्य में किसी छात्र के साथ ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो।
कैंटीन और मेस शुल्क को लेकर भी रखी बात-:
कैंटीन संचालन से जुड़ी समस्याओं पर प्राचार्य ने कहा कि कुछ छात्र कई दिनों तक भोजन नहीं करते और बाद में मेस शुल्क में कटौती की मांग करते हैं। वहीं, कैंटीन संचालकों को कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च नियमित रूप से वहन करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य भोजन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि किसी एक पक्ष के कारण दूसरे छात्रों को परेशानी न हो।
लिखित मांगपत्र देने की अपील-:
प्राचार्य के मुताबिक, संस्थान में करीब 300 छात्र अध्ययन कर रहे हैं और नियम सभी के हितों तथा सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। यदि छात्रों को किसी नियम पर आपत्ति है, तो वे लिखित रूप में अपना मांगपत्र दें। संबंधित समितियां उनकी मांगों पर विचार करेंगी और जहां आवश्यक होगा, वहां सुधार या बदलाव की संभावना भी देखी जाएगी। उन्होंने छात्रों से गेट पर धरना-प्रदर्शन करने के बजाय संवाद और अनुशासन के रास्ते पर चलने की अपील की। प्राचार्य ने कहा कि छात्र यहां डॉक्टर बनने और अपना भविष्य संवारने आए हैं। संस्थान उनकी समस्याएं सुनने के लिए तैयार है, लेकिन पढ़ाई और व्यवस्था भी प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
फिलहाल छात्रों और कॉलेज प्रशासन के बीच गतिरोध बना हुआ है। छात्रों की मांगों और नए नियमों को लेकर आगे क्या निर्णय होता है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।



