Sonbhadra News: दहेज हत्या के मामले में पति को 10 साल की सजा, 45 हजार रुपये अर्थदंड.
सोनभद्र में दहेज के लिए हुई प्रियंका मौर्य की मौत के मामले में अदालत ने पति अनिल कुमार मौर्य को 10 साल की सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश सुनील गुप्ता की अदालत ने दोषसिद्ध पाते हुए 45 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद होगी, जबकि जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी।
sonbhadra
8:51 PM, Aug 24, 2026
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अदालत के फैसले में पति को 10 वर्ष की सजा, न्याय की तराजू और हथौड़े की प्रतीकात्मक तस्वीर।
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Story By: अनुज जायसवाल।
सोनभद्र।
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करीब ढाई वर्ष पूर्व दहेज के लिए हुई प्रियंका मौर्य की मौत के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश सुनील गुप्ता की अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाया। अदालत ने दोषसिद्ध पाते हुए मृतका के पति अनिल कुमार मौर्य को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 45 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समाहित किया जाएगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार मृतका के भाई तेज प्रताप मौर्य ने 21 फरवरी 2024 को थाना पिपरी में लिखित तहरीर देकर बताया था कि उसकी बड़ी बहन प्रियंका मौर्य की शादी 5 मई 2017 को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अनिल कुमार मौर्य पुत्र सियाराम मौर्य, निवासी बंदासी, थाना मुगलसराय, जनपद चंदौली के साथ हुई थी। शादी के बाद प्रियंका अपने पति के साथ खाड़पाथर गांव में किराये के मकान में रह रही थी। दोनों का एक करीब तीन वर्षीय पुत्र भी है। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि अनिल कुमार मौर्य का रेनुकूट में एक अन्य महिला से संबंध था और उससे दो बच्चे भी हैं। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद होता रहता था। आरोप है कि अनिल दहेज की मांग को लेकर प्रियंका के साथ मारपीट और प्रताड़ना करता था। बताया गया कि 20 फरवरी 2024 की रात करीब 10 बजे प्रियंका ने फांसी लगा ली। इसकी जानकारी उसके पति अनिल मौर्य ने रात करीब 1:30 बजे फोन कर परिजनों को दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतका के भाई ने पुलिस को तहरीर दी, जिस पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्क, गवाहों के बयान और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अनिल कुमार मौर्य को दोषसिद्ध पाया और उसे 10 वर्ष के कारावास तथा 45 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने जेल में बिताई गई अवधि को कुल सजा में समाहित करने का आदेश भी दिया।
