Sonbhadra News: असनहर में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन, 101 महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा.
बभनी ब्लॉक के असनहर स्थित श्री हरिशंकर मंदिर परिसर में नौ दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव का मंगलवार को समापन हुआ। पूजा-अर्चना, हवन और आरती के बाद ढोल-नगाड़ों के बीच विसर्जन यात्रा निकाली गई, जिसमें 101 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण किया। श्रद्धालुओं ने करीब तीन किलोमीटर की यात्रा के बाद आश्रम बांध में प्रतिमाओं का विसर्जन किया, इसके बाद विशाल भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
sonbhadra
3:41 PM, Oct 20, 2026
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असनहर स्थित आश्रम बांध में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन करते श्रद्धालु, कलश यात्रा में शामिल महिलाओं ने भक्तिभाव से दी विदाई।
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Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, बभनी।
सोनभद्र।
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विकास खंड बभनी के असनहर स्थित श्री हरिशंकर मंदिर प्रांगण में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का मंगलवार को पूजा-अर्चना, हवन और आरती के बाद विधि-विधान से विसर्जन किया गया। दुर्गा पूजा समिति असनहर की ओर से आयोजित नौ दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव का समापन धूमधाम और भक्तिमय माहौल में हुआ। इस दौरान मां दुर्गा सहित भगवान गणेश, कार्तिकेय, मां सरस्वती और मां लक्ष्मी की प्रतिमाओं को असनहर स्थित आश्रम बांध में विसर्जित किया गया। समिति की ओर से पिछले सात वर्षों से प्रत्येक नवरात्र में हरिशंकर मंदिर प्रांगण में प्रतिमाएं स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाती है। नौ दिनों तक चले पूजा-पाठ के समापन पर मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे माता रानी के जयकारों के बीच विसर्जन यात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर श्रद्धालु नाचते-गाते हुए करीब तीन किलोमीटर की यात्रा पूरी कर बभनी थाना होते हुए आश्रम बांध पहुंचे। यात्रा में 101 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया और भक्ति गीत गाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। विसर्जन यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मां दुर्गा के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। नौ दिनों तक मां की आराधना करने के बाद श्रद्धालुओं ने नम आंखों से माता रानी को विदाई दी। आयोजन के दौरान सड़क पर आवागमन बाधित न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा गया। प्रतिमा विसर्जन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर महाप्रसाद ग्रहण किया। पूरे धार्मिक कार्यक्रम को पंडित सुनील कुमार दुबे ने विधि-विधान से संपन्न कराया। इस दौरान राम लल्लू दुबे, उमेश चंद्र पांडेय, सतीश कुमार पांडेय, परमेंदर कश्यप, हीरालाल, विजय, राजू देव पांडेय, राजेंद्र तिवारी, कृष्णानंद दुबे, आदित्य पांडेय सहित समिति के सदस्य और कलश यात्रा में शामिल महिलाएं मौजूद रहीं।



