Sonbhadra News: NCRP पोर्टल व हेल्पलाइन 1930 पर त्वरित कार्रवाई का असर, साइबर ठगी के 48 पीड़ितों का ₹23.12 लाख वापस.
सोनभद्र पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। जनवरी 2026 में, साइबर ठगी के शिकार हुए 48 पीड़ितों को ₹23.12 लाख की राशि वापस दिलाई गई है। यह उपलब्धि NCRP पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 पर मिली शिकायतों पर की गई त्वरित कार्रवाई का परिणाम है।
sonbhadra
8:33 PM, Feb 2, 2026
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पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में साइबर क्राइम पर बड़ा प्रहार।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
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पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। जनवरी 2026 में, साइबर ठगी के शिकार हुए 48 पीड़ितों को ₹23.12 लाख की राशि वापस दिलाई गई है। यह उपलब्धि NCRP पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 पर मिली शिकायतों पर की गई त्वरित कार्रवाई का परिणाम है। पुलिस ने साइबर अपराधियों द्वारा उपयोग किए गए संदिग्ध बैंक खातों को तुरंत होल्ड कराया। इसके बाद, बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर पीड़ितों की ठगी गई रकम को उनके खातों में वापस कराया गया।यह पहली बार नहीं है जब सोनभद्र पुलिस ने ऐसी कार्रवाई की है। इससे पहले, दिसंबर 2025 में भी पुलिस ने साइबर ठगी के पीड़ितों को ₹16.61 लाख की राशि सफलतापूर्वक लौटाई थी। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में सोनभद्र पुलिस साइबर अपराधों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रही है। इस नीति के तहत, साइबर अपराधियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर या वेबसाइट cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि तत्काल कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि जनपद सोनभद्र में साइबर फ्रॉड के कई ऐसे मामले सामने आए थे, जिनमें पीड़ितों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। साइबर सेल और साइबर थाने द्वारा ऐसी सभी शिकायतों को समयबद्ध तरीके से निस्तारण के लिए संबंधित एजेंसियों को आगे भेजा जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे अपराधों के प्रति लोगों का जागरूक होना बेहद महत्वपूर्ण है। जिन लोगों के पैसे वापस कराए गए हैं, उन्होंने समय रहते 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसी कारण पुलिस को उनके पैसे फ्रीज करने और फिर उन्हें वापस दिलाने में मदद मिली। पुलिस द्वारा समय-समय पर ऐसे अभियान चलाए जाते हैं। पुलिस अधीक्षक ने जनता से अपील की कि वे साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सावधानी बरतें। कई बार ऐसे फोन आते हैं जिनमें मालवेयर सॉफ्टवेयर होते हैं, या लोग किसी परिचित व्यक्ति के नाम पर ठगी का शिकार हो जाते हैं। जब तक लोग सावधानी नहीं बरतेंगे, ऐसे अपराधों को रोकना मुश्किल होगा। उन्होंने सलाह दी कि यदि कोई आपसे पैसे मांग रहा है या किसी फ्रॉड की शिकायत आती है, तो उसे पहले सत्यापित करें। उदाहरण के लिए, यदि बिजली विभाग से बिल या बिल की कॉपी ऑनलाइन भेजी जाती है और भुगतान न करने पर पेनल्टी या जेल की धमकी दी जाती है, तो संबंधित बिजली घर जाकर एसडीओ से बात करके जानकारी को सत्यापित करें। किसी भी लिंक पर भुगतान करते समय यह सुनिश्चित करें कि वह एक सुरक्षित (HTTPS) लिंक है।



