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मुख्य खबरें/न्यूज़/sonbhadra news inauguration of adarsh ramlila in sahagora spectators were ecstatic after seeing the play of narad moh

Sonbhadra News: सहगोड़ा में आदर्श रामलीला का शुभारंभ, नारद मोह की लीला देख दर्शक हुए लोटपोट.

बभनी ब्लॉक के सहगोड़ा गांव में मुकुट पूजन और भगवान शिव की आरती के साथ आदर्श रामलीला मंचन का शुभारंभ हुआ। पूर्व विधायक हरिराम चेरो और डॉ. व्यास चंद्र विश्वकर्मा ने फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। पहले दिन नारद मोह की लीला का मंचन हुआ, जिसमें कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया।

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11:45 AM, Oct 12, 2026

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Sonbhadra News: सहगोड़ा में आदर्श रामलीला का शुभारंभ, नारद मोह की लीला देख दर्शक हुए लोटपोट.
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सहगोड़ा गांव में दुर्गा पूजा महोत्सव के दौरान विधि-विधान से पूजन-अर्चन करते अतिथि, मां दुर्गा के जयकारों से गूंजा पंडाल।

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Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, बभनी।

विकास खंड बभनी के घघरी ग्राम पंचायत के सहगोड़ा गांव में रविवार रात में आदर्श रामलीला मंचन का शुभारंभ मुकुट पूजन और भगवान शंकर आरती के साथ हुआ। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच पूजन-अर्चन कर भगवान श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व विधायक हरिराम चेरो तथा डॉ. व्यास चंद्र विश्वकर्मा ने फीता काट कर,मुकुट पूजन कर रामलीला मंचन का विधिवत शुभारंभ किया। ग्रामीण नवयुवक रामलीला मण्डली ग्राम असनहर के कलाकारों की आदर्श रामलीला क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। रामलीला के आयोजन को लेकर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल रहा। मुकुट पूजन के दौरान बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और भगवान श्रीराम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। रामलीला भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। इसके मंचन से लोगों को सत्य, धर्म, त्याग, कर्तव्य और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। सहगोड़ा में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में भी श्रद्धा और उत्साह देखने को मिला। इसके बाद नारद मोह की लीला का मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों को खूब हंसाया। लीला के अनुसार, नारद के घमंड को तोड़ने के लिए भगवान विष्णु ने उन्हें बंदर का रूप दे दिया। इसके बाद नारद श्रीनगर के राजा की बेटी से विवाह करने पहुंचे। राजा के दरबार में नारद के बंदर रूप को देखकर लोग हंसने लगे। इस दौरान भगवान शिव के भेजे गए दो गणों ने नारद को उनका असली चेहरा दिखाया। अपना रूप देखकर नारद क्रोधित हो गए और दोनों गणों को राक्षस बनने का श्राप दे दिया। मंचन के दौरान नारद के बंदर रूप और कलाकारों के अभिनय पर दर्शकों ने खूब ठहाके लगाए। श्रीरामलीला के शुरू होने से क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल है। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष प्रदीप शुक्ला उर्फ भोले, व्यवस्थापक रमाशंकर तिवारी, रामेश्वर शर्मा, ग्राम प्रधान कृष्णानंद सोनी,खरवार महासभा के जिला अध्यक्ष अशोक सिंह खरवार, राजेश देवांगन, संतोष भारती, उदय गुप्ता, संजय गुप्ता सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।


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