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Sonbhadra News: बाल स्वास्थ्य एवं पोषण माह का शुभारंभ, 3.07 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी विटामिन-ए की खुराक.

जिले में बाल स्वास्थ्य एवं पोषण माह अभियान के तहत नौ माह से पांच वर्ष तक के 3.07 लाख से अधिक बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई जाएगी। रॉबर्ट्सगंज स्थित शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सीएमओ डॉ. रमेश कुमार मिश्रा ने अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि विटामिन-ए बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, आंखों की रोशनी सुरक्षित रखने और कुपोषण से बचाने में मदद करता है।

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8:23 PM, Jun 10, 2026

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Sonbhadra News: बाल स्वास्थ्य एवं पोषण माह का शुभारंभ, 3.07 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी विटामिन-ए की खुराक.
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बाल स्वास्थ्य एवं पोषण माह अभियान का शुभारंभ करते हुए बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाते सीएमओ डॉ. रमेश कुमार मिश्रा।

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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।

जिले में बच्चों को कुपोषण, रतौंधी और विटामिन-ए की कमी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने के उद्देश्य से बुधवार को बाल स्वास्थ्य एवं पोषण माह अभियान का शुभारंभ किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रमेश कुमार मिश्रा ने शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रॉबर्ट्सगंज में नौ माह की वानी, पांच वर्षीय शौर्य, तीन वर्षीय सृष्टि और चार वर्षीय पीहू को विटामिन-ए की खुराक पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित यह विशेष अभियान पूरे माह जिले भर में चलाया जाएगा। अभियान के तहत नौ माह से पांच वर्ष तक की आयु के 3.07 लाख से अधिक बच्चों को विटामिन-ए की खुराक देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें नौ से 12 माह आयु वर्ग के 56,615 बच्चे तथा एक से पांच वर्ष आयु वर्ग के लगभग 2.50 लाख बच्चे शामिल हैं। अभियान के शुभारंभ अवसर पर सीएमओ डॉ. रमेश कुमार मिश्रा ने कहा कि विटामिन-ए बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक पोषक तत्व है। यह बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, आंखों की रोशनी को सुरक्षित रखने तथा गंभीर बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि मानव शरीर स्वयं विटामिन-ए का निर्माण नहीं कर सकता, इसलिए बच्चों के दैनिक आहार में विटामिन-ए युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना जरूरी है। सीएमओ ने बताया कि विटामिन-ए की खुराक से बच्चों को रतौंधी, निमोनिया और कुपोषण जैसी गंभीर समस्याओं से बचाया जा सकता है। विभाग का प्रयास है कि जिले के प्रत्येक पात्र बच्चे तक यह खुराक पहुंचे। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों और टीकाकरण सत्र स्थलों पर ले जाकर विटामिन-ए की खुराक अवश्य दिलाएं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. गिरधारी लाल ने बताया कि नौ से 12 माह के बच्चों को एमआर (मीजल्स-रूबेला) के प्रथम टीके के साथ विटामिन-ए की पहली खुराक दी जाती है। वहीं 16 से 24 माह के बच्चों को एमआर के दूसरे टीके के साथ दूसरी खुराक दी जाती है। इसके बाद दो से पांच वर्ष तक के बच्चों को प्रत्येक छह माह के अंतराल पर विटामिन-ए की खुराक पिलाई जाती है। उन्होंने बताया कि यह अभियान एक माह तक चलेगा और स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर अधिक से अधिक बच्चों को लाभान्वित करने का प्रयास करेंगी। विभाग ने अभियान के दौरान शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का संकल्प लिया है। कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रेमनाथ, नगरीय स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. जे.बी. सिंह, नशीन शाह, मनोज कुमार, नरेश, वर्तिका पांडेय, चंद्रकला सिंह, एएनएम जैबुननिशा, एलटी चरणजीत सिंह, सरोज कुमार, ज्ञान नारायण, कृष्णानंद चौबे, आशा कार्यकर्ता रेखा कुमारी, सरला सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


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