Sonbhadra News: अंतरराष्ट्रीय कफ सिरप तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, हैंडलर हावड़ा से गिरफ्तार.
जनपद में नशीले कफ सिरप की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सोनभद्र पुलिस की एसआईटी टीम को बड़ी सफलता मिली है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने गिरोह के मुख्य हैंडलर जुबेर हुसैन शेख को पश्चिम बंगाल के हावड़ा से गिरफ्तार किया है।
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2:04 PM, Mar 19, 2026
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पुलिस ने आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर शुरू की गहन पूछताछ।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
सोनभद्र जनपद में नशीले कफ सिरप की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसआईटी टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के मुख्य हैंडलर जुबेर हुसैन शेख को पश्चिम बंगाल के हावड़ा से गिरफ्तार किया है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर सोनभद्र लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में खुलासा हुआ कि यह संगठित नेटवर्क झारखंड के रांची स्थित शैली ट्रेडर्स से संचालित हो रहा था। यहां से नशीले कफ सिरप की खेप ट्रकों के माध्यम से बिहार और पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश तक भेजी जाती थी। तस्करी के लिए पूर्णिया, सिलीगुड़ी और कूचबिहार बॉर्डर रूट का इस्तेमाल किया जाता था, जहां से बांग्ला भाषी चालक माल को सीमा पार पहुंचाते थे। जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह बेहद सुनियोजित और गोपनीय तरीके से काम करता था। ट्रकों में कफ सिरप को फर्जी बिल के जरिए चावल या अन्य खाद्यान्न के रूप में दर्शाकर परिवहन किया जाता था, ताकि किसी को शक न हो।
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गिरोह के सदस्य आपस में सीधे संपर्क से बचते थे और केवल कोड वर्ड व व्हाट्सएप के माध्यम से ही बातचीत करते थे। पूछताछ में आरोपी जुबेर हुसैन शेख ने बताया कि वह ट्रकों के जरिए खेप को बॉर्डर तक पहुंचाने का काम करता था और प्रत्येक ट्रक के बदले उसे करीब 30 हजार रुपये मिलते थे। वह सप्ताह में दो से तीन ट्रकों की सप्लाई करता था। उसने कई ड्राइवरों को अपने अधीन रखा था, जिन्हें विशेष निर्देश दिए जाते थे कि पकड़े जाने पर गिरोह के बारे में कोई जानकारी न दें। गिरोह द्वारा ड्राइवरों को लालच देने के साथ ही सुरक्षा का भरोसा भी दिया जाता था। गिरफ्तारी की स्थिति में उनके परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती थी तथा जमानत के लिए कानूनी मदद दी जाती थी। यही वजह है कि कई लोग इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह से जुड़े कई अन्य आरोपी पहले ही बिहार और झारखंड में गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। इनमें अमीन, फिरोज, समर शेख, आदिल और वसीम जैसे नाम शामिल हैं, जो वर्तमान में पूर्णिया जेल में निरुद्ध बताए जा रहे हैं।
एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि थाना रॉबर्ट्सगंज में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 1191/25, जो एनडीपीएस एक्ट से संबंधित है, उसी की विवेचना के दौरान जुबेर हुसैन शेख का नाम सामने आया था। इसके बाद एसआईटी टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस कर हावड़ा में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि गिरोह से जुड़े कुछ अन्य लोग पश्चिम बंगाल में सक्रिय हैं, जो ट्रांसपोर्ट के लिए पैसा उपलब्ध कराने और फर्जी बिल बनाने का काम करते थे। उनकी तलाश में भी लगातार दबिश दी जा रही है। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी की जाएगी। इस पूरी कार्रवाई को नशे के खिलाफ चल रही मुहिम में एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले इस तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार हुआ है।



