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मुख्य खबरें/न्यूज़/sonbhadra news jitiya festival was celebrated with devotion and enthusiasm in bijpur mothers kept nirjala fast for the long life of their children

Sonbhadra News: बीजपुर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया जितिया पर्व, संतान की लंबी उम्र के लिए माताओं ने रखा निर्जला व्रत।

बीजपुर क्षेत्र में शनिवार को जितिया पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर माताओं ने निर्जला व्रत रखा। दुधहिया देवी मंदिर समेत विभिन्न पूजा स्थलों पर महिलाओं ने भगवान जीमूतवाहन की पूजा कर व्रत कथा सुनी।

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10:00 PM, Oct 3, 2026

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Sonbhadra News: बीजपुर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया जितिया पर्व, संतान की लंबी उम्र के लिए माताओं ने रखा निर्जला व्रत।
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बीजपुर में जितिया पर्व पर महिलाओं ने सामूहिक पूजा-अर्चना कर संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना की।

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Story By: नीरज गुप्ता, बीजपुर।

बीजपुर क्षेत्र में शनिवार को संतान की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और मंगलकामना के लिए मनाया जाने वाला जितिया पर्व (जीवित्पुत्रिका व्रत) श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर माताओं ने पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर भगवान जीमूतवाहन की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अपनी संतान की लंबी उम्र तथा सुखी जीवन की कामना की। जितिया पर्व को लेकर सुबह से ही बीजपुर बाजार सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में काफी चहल-पहल रही। पूजा सामग्री, फल, फूल, प्रसाद एवं अन्य आवश्यक सामान की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ दिखाई दी। व्रती महिलाओं ने प्रातः स्नान आदि के बाद व्रत का संकल्प लिया और पूजा की तैयारियों में जुट गईं। दिनभर महिलाओं ने सामूहिक रूप से जितिया व्रत की कथा सुनी तथा भगवान जीमूतवाहन का स्मरण कर पूजा-अर्चना की। बीजपुर क्षेत्र में दुधहिया देवी मंदिर, बीजपुर सब्जी मंडी स्थित पूजा स्थल तथा बेड़िया हनुमान मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर महिलाओं ने पहुंचकर श्रद्धापूर्वक पूजा की। कई स्थानों पर महिलाओं ने समूह में एकत्र होकर व्रत कथा का श्रवण किया और विधि-विधान से पूजा संपन्न की। मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय वातावरण बना रहा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जितिया व्रत संतान की लंबी आयु, आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा जाता है। व्रती महिलाएं निर्जला रहकर भगवान जीमूतवाहन की पूजा करती हैं और व्रत की कथा सुनती हैं। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक जितिया व्रत करने से संतान पर आने वाले संकट टलते हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। पर्व के दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे को जितिया की शुभकामनाएं दीं। घरों में भी पूजा-अर्चना का विशेष आयोजन किया गया। देर शाम तक मंदिरों और पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। पर्व को लेकर क्षेत्र में उत्साह और आस्था का माहौल देखने को मिला।


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