Sonbhadra News: जोगिया पिकनिक स्पॉट: सुरक्षा और नेटवर्क कनेक्टिविटी से भरपूर, पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग.
जिले में वैसे तो कई पर्यटक स्थल है ऐसा ही एक स्थल कोटा ग्राम पंचायत स्थित जोगिया बाबा पर्यटक स्थल है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सुरक्षा और बेहतर नेटवर्क कनेक्टिविटी के लिए जाना जाता है। यह स्थान परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए एक आदर्श जगह मानी जाती है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि प्रशासन इस रमणीय स्थल को पर्यटन मानचित्र पर लाए और इसके विकास के लिए मूल्यांकन करे।
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4:52 PM, Dec 29, 2025
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जोगिया बाबा पर्यटक स्थल को आधिकारिक दर्ज़ा देने की मांग।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
जिले में वैसे तो कई पर्यटक स्थल है ऐसा ही एक स्थल कोटा ग्राम पंचायत स्थित जोगिया बाबा पर्यटक स्थल है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सुरक्षा और बेहतर नेटवर्क कनेक्टिविटी के लिए जाना जाता है। यह स्थान परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए एक आदर्श जगह मानी जाती है।
स्थानीय लोग चाहते हैं कि प्रशासन इस रमणीय स्थल को पर्यटन मानचित्र पर लाए और इसके विकास के लिए मूल्यांकन करे। यहां सोन और कनहर नदियां आपस में मिलती है जिसे स्थानीय लोग 'संगम' कहते हैं। सोन नदी भारत की पवित्र नदियों में से एक है, जिसका उल्लेख रामचरितमानस में भी मिलता है। कनहर नदी की विशेषता है कि इसके तट पर कोई शहर या बाजार नहीं है, जिससे इसका जल निर्मल और स्वच्छ बना रहता है।
अमवार में बांध बनने के बावजूद नदी में प्रदूषण नहीं है। सोनभद्र एक वन-संपदा और कृषि प्रधान क्षेत्र है, जहां बसंत पंचमी पर एक बड़ा मेला भी लगता है।आदिकाल से पूर्वज जोगिया बाबा के बारे में बताते आए हैं, जिनके सानिध्य में यह स्थान काफी रमणीक और प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा हुआ है।
मान्यता है कि यहां आज तक कोई दुर्घटना नहीं हुई है, जिससे यह स्थान हर तरह से सुरक्षित माना जाता है। यहां आने-जाने की सुविधा भी अच्छी है और सभी दूरसंचार टावर उपलब्ध होने के कारण संचार की कोई समस्या नहीं होती। वर्तमान प्रदेश सरकार अक्सर पर्यटन स्थलों, प्राकृतिक सौंदर्य वाले स्थानों और धार्मिक स्थलों को विकसित करती रही है।
इसी क्रम में स्थानीय लोग चाहते हैं कि जोगिया बाबा पर्यटक स्थल भी प्रशासन की निगाह में आए और सरकार तक इसकी जानकारी पहुंचे। उनका आग्रह है कि इसका मूल्यांकन और निरीक्षण करके इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।
स्थानीय निवासी अंशुपटेल ने बताया कि पहले लोग पिकनिक मनाने अबाड़ी जाते थे, लेकिन वहां नेटवर्क की बड़ी समस्या रहती थी, जिससे किसी भी घटना या समस्या की स्थिति में सहायता प्राप्त करना कठिन होता था। उन्होंने क्षेत्रवासियों से एक बार परिवार के साथ जोगिया बाबा पर्यटक स्थल पर पिकनिक मनाने और इसका अनुभव करने की अपील की।
उन्होंने विश्वास दिलाया कि यहां सभी क्षेत्रवासी एकजुट हैं, जिससे परिवार पूरी तरह सुरक्षित महसूस करेगा और लूटपाट जैसी घटनाओं की संभावना नहीं है।
पर्यावरण कार्यकर्ता निर्भय चौधरी ने स्थानीय प्रशासन और सरकार से इस स्थान को आधिकारिक दर्जा देकर इसके विकास के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है। चौधरी ने बताया कि यह स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है और यहां रोजाना 100 से 150 लोग आते हैं, जबकि त्योहारों के दौरान यह संख्या हजारों में पहुंच जाती है।
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उन्होंने सोनभद्र को 'स्विट्जरलैंड' कहे जाने के नेहरू के कथन का जिक्र करते हुए कहा कि जिले में लगातार विकास हो रहा है, जिसमें सड़कों का निर्माण और दूरदराज के क्षेत्रों तक नेटवर्क कनेक्टिविटी शामिल है। जोगिया पिकनिक स्पॉट की एक खास बात यहां की नदी है, जिसकी गहराई घुटनों तक ही है, जिससे यह तैराकी न जानने वालों के लिए भी सुरक्षित है।
चौधरी के अनुसार, यहां आज तक कोई अप्रिय घटना नहीं घटी है, जिसका मुख्य कारण प्रसिद्ध जोगिया बाबा मंदिर की कृपा और नदी में पानी का बहाव धीमा व गहराई कम होना है। स्थानीय ग्रामीण भी इसी नदी के रास्ते आवागमन करते हैं, जिससे क्षेत्र में निरंतर चहल-पहल बनी रहती है।
निर्भय चौधरी ने मांग की है कि जोगिया पिकनिक स्पॉट को पर्यटन स्थल के रूप में मान्यता दी जाए, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। पर्यटन को बढ़ावा मिलने से क्षेत्र में बाजार का विकास होगा और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। उन्होंने बताया कि पिकनिक स्पॉट की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी को पत्र के माध्यम से जानकारी दी जाएगी।
चौधरी ने जिलाधिकारी से कोटा ग्राम सभा का दौरा करने और जोगिया बाबा मंदिर व पिकनिक स्पॉट का मुआयना करने का भी अनुरोध किया है, ताकि इसकी सुंदरता और महत्व को समझा जा सके। वही पूर्व प्रधान अवधेश कुमार राय ने इसे एक रमणीक स्थल बताया, जो दूर-दूर से पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है।
यह स्थल एक तरफ मंदिर, दूसरी तरफ सोन नदी और पहाड़ों से घिरा हुआ है। राय के अनुसार, यह स्थान सुरक्षा और नेटवर्क कनेक्टिविटी दोनों ही दृष्टियों से बेहतर है। यह गांव से सटा हुआ है, जिससे यहां तक पहुंचना आसान है।
अवधेश कुमार राय ने बताया कि जोगिया वीर पहाड़ी संगम स्थल पूर्वजों के समय से एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है। हालांकि, हाल के वर्षों में यह जगह लोगों के बीच पिकनिक मनाने के लिए लोकप्रिय हुई है।
राय ने कहा कि पिकनिक स्पॉट को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा और सड़क जैसी आवश्यक सुविधाओं का विकास ग्राम पंचायत के माध्यम से किया जाएगा।
स्विट्जरलैंड कहे जाने वाले सोनभद्र में सोन, बिजुल और रेण नदी का सबसे बड़ा संगम भी पाया जाता है, साथ ही ठेमा और कनहर नदी का संगम तथा सोन और कनहर का संगम भी देखा जा सकता है।
