Sonbhadra News: कोन में कलवार जायसवाल महासम्मेलन: मंत्री रविंद्र जायसवाल ने समाज के उत्थान और एकजुटता पर की चर्चा.
कोन स्थित विशाल इंग्लिश एकेडमी में कलवार-जायसवाल स्वजातीय महासम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इसमें स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जहां उनका भावपूर्ण स्वागत किया गया। उन्होंने कलवार जायसवाल समाज के उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।
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9:06 PM, Jan 9, 2026
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कलवार-जायसवाल स्वजातीय महासम्मेलन में मंत्री रविंद्र जायसवाल एवं प्रदेश अध्यक्ष मनोज जायसवाल का भव्य स्वागत।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
कोन स्थित विशाल इंग्लिश एकेडमी में कलवार-जायसवाल स्वजातीय महासम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इसमें स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जहां उनका भावपूर्ण स्वागत किया गया। उन्होंने कलवार जायसवाल समाज के उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।
मंत्री रविंद्र जायसवाल ने समाज के उत्थान पर जोर देते हुए कहा कि किसी की टांग खींचने के बजाय हाथ पकड़कर ऊपर उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने जायसवाल समाज को सनातनी संस्कृति का सच्चा वाहक बताया, जो सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता रखता है। प्रभारी मंत्री ने आने वाली पीढ़ी को उनकी रुचि के अनुसार शिक्षा देने पर भी बल दिया। उनका मानना था कि इससे समाज के युवा वर्ग को प्रशासनिक पदों पर पहुंचने का अवसर मिल सकेगा।
मंत्री ने समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को बधाई दी और भविष्य में अच्छे कार्य करने की शुभकामनाएं व्यक्त कीं। इस अवसर पर रविंद्र जायसवाल ने समाज के लोगों को इतना बड़ा आयोजन करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सभी लोग समाज के लिए अच्छे कार्य कर रहे हैं और समाज के उत्थान के लिए चिंतन का कार्य करते हैं। आज समाज का तबका कई सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा है।
मंत्री ने बताया कि समाज के लोगों ने अस्पताल, मंदिर और स्कूलों का निर्माण कराया है, जिससे कई लोगों का भविष्य और भला हो रहा है। इस दौरान उन्होंने जमीन के एग्रीमेंट पर किए गए बदलावों से होने वाले फायदों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने राजनीति पर भी चर्चा की और कहा कि पहले राजतंत्र था, तो राजा के वंशज ही राज करते थे, चाहे उनमें राज करने की क्षमता हो या न हो।
इस वजह से हमारा देश कई बार गुलाम हुआ, क्योंकि हम लोग समाज में जाति के आधार पर बिखरे हुए थे। अब समय आ गया है कि जनता द्वारा चुना हुआ व्यक्ति ही सेवा करेगा, और इसका माध्यम चुनाव है। मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की वजह से भारत बुलंदियों पर पहुंचा है। जिस इंग्लैंड ने भारत को कभी गुलाम बनाया था, आज वही इंग्लैंड को भारत ने अर्थव्यवस्था में पछाड़ दिया है। भारत का सर्वोच्च बच्चा अब राष्ट्र सेवा में समर्पित होकर राष्ट्र को बुलंदियों तक पहुंचाने का काम कर रहा है।
अपने संबोधन में उन्होंने जायसवाल समाज के प्रभावी, सफल, स्थापित व सक्षम लोगों से आह्वान किया कि वे समाज के कमजोर और निरीह लोगों की हर प्रकार से मदद कर उनका विकास करें। साथ ही, राजनीति में, समाज में, व्यापार में एवं व्यवहार में योग्य प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने का निरंतर कार्य करें।
वहीं, स्वजातीय सम्मेलन की सफलता पर अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने आए हुए अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इतनी भीड़ का जुटना यह दर्शाता है कि समाज के व्यक्ति अपने समाज के लिए एकजुट हैं। मनोज जायसवाल ने आभार व्यक्त करते हुए यह उम्मीद जताई कि हर साल इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और समाज का आशीर्वाद व स्नेह प्राप्त होता रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जायसवाल समाज का इतिहास, वर्तमान एवं भविष्य हमेशा गौरवशाली था, है और रहेगा।
समाज में एक से बढ़कर एक प्रतिभाएं हैं, जिन्हें हम सबको अपनी भावना से जोड़कर आगे बढ़ाना होगा। विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित जायसवाल क्लब के प्रदेश अध्यक्ष (दुद्धी निवासी) रविंद्र जायसवाल ने आपसी संबंधों में मधुरता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के लोग एक-दूसरे से कट रहे हैं, इसलिए बिना किसी प्रयोजन के भी परिचितों के घर जाकर भोजन करना चाहिए।
प्रभारी मंत्री के साथ पहुंचे सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि कोन में आयोजित इस महासम्मेलन ने जिले में जायसवाल समाज की ताकत का एहसास करा दिया है।
इस अवसर पर प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष लक्ष्मी जायसवाल, जायसवाल युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष विकास जायसवाल उर्फ अमित, अध्यक्ष सुशील जायसवाल, जायसवाल यूथ क्लब के जिलाध्यक्ष राजेश जायसवाल,
रमेश जायसवाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष कोन विजय शंकर जायसवाल, मिथिलेश जायसवाल, आनंद जायसवाल, राजन जायसवाल, सुधीर जायसवाल एवं नन्दलाल गुप्ता शामिल रहे।
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इससे पहले चोपन में स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने जायसवाल समाज के लोगों से मुलाकात की। प्रीतनगर स्थित राजेंद्र जायसवाल के निजी निवास पर उनका भव्य स्वागत किया गया, जहां समाज के सैकड़ों सदस्य उपस्थित थे।
धर्मेन्द्र जायसवाल एवं समाज के सदस्यों ने मंत्री जायसवाल को अंग वस्त्र और फूलों की माला पहनाकर सम्मानित किया,
जबकि राजेंद्र जायसवाल ने उन्हें बुके भेंट किया। मंत्री ने सभी से परिचय प्राप्त किया और उनके कुशलक्षेम की कामना की।
मंत्री ने जायसवाल समाज के बीच कुछ समय बिताया और समाज के उत्थान पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि एकजुटता ही जायसवाल समाज की पहचान है, जिसे बनाए रखना समाज के पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने आगे कहा कि यह समाज व्यापार के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता है। आज जायसवाल समाज के कई सदस्य उच्च पदों पर आसीन होकर देश और प्रदेश की जनता की सेवा कर रहे हैं, जिन्होंने यह मुकाम अपनी कड़ी मेहनत से हासिल किया है।
मंत्री ने समाज के लोगों से अपील की कि वे एक-दूसरे के दुख-सुख में हमेशा साथ रहें और किसी भी सदस्य को तकलीफ होने पर मिलकर सहयोग करें। उन्होंने कहा कि समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने से समाज में एकजुटता और आपसी तालमेल बढ़ता है। इस अवसर पर जायसवाल समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज जायसवाल और लोकप्रिय सदर विधायक भूपेश चौबे भी उपस्थित रहे।
ओबरा से महेश जायसवाल, प्रमोद जायसवाल, उमाशंकर जायसवाल, विशाल गुप्ता, राजेश जायसवाल, प्रकाश जायसवाल, विनोद जायसवाल, दिनेश जायसवाल, भेरों प्रसाद जायसवाल, धर्मजीत जायसवाल, संतोष जायसवाल, शारदा जायसवाल, कांता प्रसाद जायसवाल राकेश जायसवाल एवं उमेश चौधरी शामिल रहे।
वही चोपन से अच्युत जायसवाल, ओम प्रकाश जायसवाल, अशोक जायसवाल, कृष्णा जायसवाल, विनोद जायसवाल, धर्मेंद्र जायसवाल (मंडल उपाध्यक्ष), सुनिल जायसवाल, राजेंद्र जायसवाल, सुरेन्द्र जायसवाल, राजकुमार जायसवाल, रमेश जायसवाल,
अनिल जायसवाल, चन्दन जायसवाल, मोहन जायसवाल, राजेश जायसवाल, सोनू जायसवाल, आशिष जायसवाल, सुमित जायसवाल, संदीप जायसवाल, नीरज जायसवाल,
मनीष जायसवाल, संजय जायसवाल, अभिषेक जायसवाल एवं पवित्र जायसवाल समेत कई स्वजातीय शामिल रहे।
