Sonbhadra News: कनहर सिंचाई परियोजना से बदलेगी सोनभद्र की तस्वीर, हज़ारों किसानों को मिलेगा सिंचाई व पेयजल का बड़ा लाभ.
योगी सरकार की प्राथमिकता वाली कनहर सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि दिसंबर 2026 तक परियोजना को पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे जनवरी 2027 से किसानों को सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराया जा सके। परियोजना से दुद्धी और चोपन क्षेत्र के 35,467 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होगी तथा करीब दो लाख लोगों को पेयजल उपलब्ध होगा।
sonbhadra
6:29 PM, May 27, 2026
Share:


कनहर सिंचाई परियोजना का बांध बनकर तैयार, जल्द ही 108 गांवों के किसानों को सिंचाई और पेयजल का मिलेगा लाभ।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
जिले की बहुप्रतीक्षित कनहर सिंचाई परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। दुद्धी तहसील क्षेत्र में निर्माणाधीन इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद दुद्धी और ओबरा क्षेत्र के 108 गांवों के हजारों किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। साथ ही करीब दो लाख लोगों की पेयजल समस्या का भी स्थायी समाधान हो सकेगा। प्रशासन का दावा है कि जनवरी 2027 से किसानों को परियोजना का प्रत्यक्ष लाभ मिलने लगेगा। किसानों की सिंचाई और पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस परियोजना को गति उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के कार्यकाल में मिली। जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण से जुड़ी आपत्तियों का त्वरित निस्तारण कर बांध और नहर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया। वर्तमान में 3.24 किलोमीटर लंबे एवं 39.9 मीटर ऊंचे बांध का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि नहर प्रणाली का निर्माण अंतिम चरण में है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि परियोजना को दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जनवरी 2027 से किसानों को सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराया जा सके।
विज्ञापन
परियोजना की द्वितीय पुनरीक्षित लागत 3394.65 करोड़ रुपये स्वीकृत की गई है। इसके माध्यम से दुद्धी और चोपन विकास खंड के लगभग 35,467 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र की सिंचाई संभव होगी। परियोजना के अंतर्गत कनहर, पांगन, सुखरी पांगन, लउवा, ठेमा, पाण्डु, गोइठा और धोरपा जैसी नदियों के जल का संचयन किया जा रहा है। पहले वर्षा का अधिकांश जल बिना उपयोग के बह जाता था, लेकिन अब बांध निर्माण से उसका संरक्षण संभव हो सकेगा। इससे भूजल स्तर में सुधार होने के साथ क्षेत्र में जल संकट की समस्या भी काफी हद तक कम होगी। कनहर निर्माण खंड-3 के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि बांध को आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है। इसमें 16 रेडियल गेट लगाए गए हैं, जो जलस्तर बढ़ने पर अलार्म सिस्टम के माध्यम से स्वतः खुल जाएंगे और जलस्तर सामान्य होने पर स्वतः बंद भी हो जाएंगे। परियोजना के तहत 1775 मीटर लंबे एक्वाडक्ट और 2660 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है। कनहर सिंचाई परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा, कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही पेयजल संकट से जूझ रहे लाखों लोगों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद।
