Sonbhadra News: नन्ही बच्ची की नई पहचान बनी ‘कीर्ति’, डीएम ने गोद में लेकर जताया अपनापन.
दुद्धी से रेस्क्यू हुई आठ दिन की नवजात बच्ची का जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने नामकरण कर उसे ‘कीर्ति’ नाम दिया। वन स्टॉप सेंटर एवं दत्तक ग्रहण इकाई के निरीक्षण के दौरान डीएम ने बच्ची को गोद में लेकर उसकी देखभाल का जायजा लिया। प्रशासन ने बच्ची के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और किसी तरह की कमी नहीं रहने देने के निर्देश दिए।
sonbhadra
4:37 PM, Sep 25, 2026
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डीएम चर्चित गौड़ ने नन्ही नवजात को गोद में लेकर रखा ‘कीर्ति’ नाम, वन स्टॉप सेंटर एवं दत्तक ग्रहण इकाई के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए।
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Story By: अनुज जायसवाल।
सोनभद्र।
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कभी-कभी किसी बच्चे को मिला एक नाम सिर्फ उसकी पहचान नहीं बनता, बल्कि उसके जीवन में नई उम्मीद की शुरुआत भी होता है। दुद्धी क्षेत्र से रेस्क्यू की गई महज आठ दिन की नवजात बच्ची के लिए शुक्रवार का दिन भी कुछ ऐसा ही रहा। वन स्टॉप सेंटर एवं राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण इकाई के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने नन्ही बच्ची को गोद में लेकर उसका नामकरण किया और उसे ‘कीर्ति’ नाम दिया। बच्ची को मिली इस नई पहचान के दौरान माहौल भावुक हो उठा। शुक्रवार को जिलाधिकारी चर्चित गौड़ वन स्टॉप सेंटर और दत्तक ग्रहण इकाई का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने वहां रह रहे बच्चों की व्यवस्थाओं और सुविधाओं का जायजा लिया। दत्तक ग्रहण इकाई में वर्तमान में दो नवजात बच्चे आवासित हैं। इनमें गौरी जनवरी 2026 से इकाई में रह रही है, जबकि दुद्धी क्षेत्र से करीब छह दिन पहले रेस्क्यू की गई लगभग आठ दिन की नवजात बच्ची को भी यहां सुरक्षित लाया गया है। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी भी मौजूद रहीं। डीएम ने नन्ही बच्ची को अपनी गोद में लेकर उसकी देखभाल की जानकारी ली और फिर उसका नाम ‘कीर्ति’ रखा। नामकरण के इस भावुक पल ने वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी संवेदनाओं को जगा दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की देखभाल में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। प्रशासन का उद्देश्य केवल बच्चों को आश्रय उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित वातावरण, अपनापन और बेहतर भविष्य का अवसर देना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बच्चों की जरूरतों और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। नन्ही ‘कीर्ति’ के लिए परिसर को और बेहतर बनाने की दिशा में भी प्रशासन ने कदम बढ़ाए हैं। डीएम और सीडीओ ने भवन में सोलर सिस्टम, किचन गार्डन और परिसर में इंटरलॉकिंग का कार्य सीएसआर के माध्यम से कराने के निर्देश दिए। वहीं डूडा को भवन की आवश्यक मरम्मत और अधूरे कार्य जल्द पूरा कराने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक मिली। वन स्टॉप सेंटर में 12 और दत्तक ग्रहण इकाई में 10 कार्मिक कार्यरत हैं। पुलिस विभाग की ओर से एक महिला आरक्षी भी तैनात है। नन्ही ‘कीर्ति’ के लिए यह नामकरण महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उसके सुरक्षित भविष्य की दिशा में उठाया गया संवेदनशील कदम है। जिस उम्र में बच्चे को केवल मां की गोद और परिवार का स्नेह चाहिए, उस उम्र में प्रशासन ने उसकी सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी संभाली है। अब उम्मीद यही है कि ‘कीर्ति’ को सुरक्षित बचपन, स्नेह और भविष्य में अपनी पहचान बनाने का पूरा अवसर मिले। इस मौके पर प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, वन स्टॉप सेंटर प्रशासक दीपिका सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।



