ब्रेकिंग न्यूज़
sliderimg
sliderimg
मुख्य खबरें/न्यूज़/sonbhadra news lack of facilities in babhni chc patients worried

Sonbhadra News: बभनी सीएचसी में सुविधाओं का अभाव, मरीज परेशान.

बभनी सीएचसी में विशेषज्ञ डॉक्टरों और जरूरी जांच सुविधाओं की कमी के चलते गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ रहा है। 30 बेड के अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा नहीं, एक्स-रे टेक्नीशियन समेत कई पद खाली बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने सड़क हादसों में घायलों को तत्काल उपचार दिलाने के लिए सीएचसी में ट्रॉमा सेंटर शुरू कराने की मांग की है।

sonbhadra

1:26 PM, Oct 6, 2026

Share:

Sonbhadra News: बभनी सीएचसी में सुविधाओं का अभाव, मरीज परेशान.
logo

बभनी सीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच इलाज के लिए पहुंचते मरीज और अस्पताल परिसर का दृश्य।

Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें

Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, बभनी।

बभनी क्षेत्र में यूपी-छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बभनी आज भी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। तीन बार मुख्यमंत्री, राज्यपाल और राष्ट्रपति के दौरे के बावजूद अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है। विशेषज्ञ चिकित्सकों से लेकर जांच मशीनों तक की कमी के कारण अस्पताल रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। 30 बेड के अस्पताल में सुविधाओं का टोटा सीएचसी बभनी 30 बेड का अस्पताल है, लेकिन यहां मरीजों के लिए जरूरी सुविधाओं का अभाव है। वर्तमान में अधीक्षक सहित चार चिकित्सकों की तैनाती है। अस्पताल में महिला चिकित्सक, डेंटल चिकित्सक सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की कमी बनी हुई है। महिला चिकित्सक दुर्घटना के कारण कुछ दिनों से अवकाश पर हैं। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के कई पद खाली हैं। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं है। एक्स-रे के लिए एसजी टेक्नीशियन की नियुक्ति भी नहीं है। वहीं, अस्पताल में वर्तमान में सिर्फ एक फार्मासिस्ट की तैनाती बताई जा रही है। सुविधाओं के अभाव में गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। अस्पताल में प्रसव की सुविधा के अलावा अन्य गंभीर मामलों में मरीजों को बाहर जाना पड़ता है। छत्तीसगढ़ सीमा से सटे होने के कारण बभनी सीएचसी पर आसपास के क्षेत्र के मरीजों का भी दबाव रहता है। बभनी-छत्तीसगढ़ मार्ग पर आए दिन सड़क हादसे होते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल की दूरी अधिक होने के कारण दुर्घटना में घायल मरीजों को समय पर समुचित उपचार नहीं मिल पाता। कई गंभीर घायलों को रास्ते में ही दम तोड़ना पड़ता है। ग्रामीण रविशंकर, दिनेश, महेश कुमार और पंकज कुमार ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सीएचसी बभनी में ट्रॉमा सेंटर की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि ट्रॉमा सेंटर शुरू होने से सड़क हादसों में घायल लोगों को तत्काल उपचार मिल सकेगा और उन्हें जिला अस्पताल रेफर करने की जरूरत कम होगी। सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजन सिंह ने बताया कि अस्पताल में सर्जन और हड्डी रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं। गंभीर चोट और हड्डी से संबंधित मामलों में मरीजों को बेहतर उपचार के लिए तत्काल उच्च केंद्र पर रेफर किया जाता है। उन्होंने बताया कि उपलब्ध संसाधनों के अनुसार मरीजों का उपचार किया जा रहा है।


headingicon

सम्बंधित खबर


headingicon

विज्ञापन


headingicon

लोकल न्यूज़

और देखे
headingicon

विज्ञापन

headingicon

विज्ञापन

Design and Developed by SpriteEra IT Solutions Pvt. Ltd.
© Copyright Purvanchal Bhaskar 2025. All rights reserved.