Sonbhadra News: विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, छात्र-छात्राओं को कानूनों की दी गई जानकारी.
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जागरूकता शिविर आयोजित हुए। रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में करीब 200 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। शिविर में PCPNDT, शिक्षा का अधिकार और महिला सुरक्षा कानूनों की जानकारी दी गई। साइबर अपराध, हेल्पलाइन नंबर और नालसा योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने लोगों से कानून की जानकारी लेकर जागरूक बनने की अपील की।
sonbhadra
6:41 PM, Apr 11, 2026
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निःशुल्क विधिक सहायता शिविर का आयोजन: बाल विवाह, बाल श्रम पर किया जागरूक।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के आदेश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र के निर्देशन में 11 अप्रैल 2026 को विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सुबह 10:00 बजे से विन्ध्य विधि महाविद्यालय गोरडीहा, रावर्टसगंज सोनभद्र में चीफ एल.ए.डी.सी.शमशेर बहादुर सिंह की उपस्थिति में आयोजित हुआ। इसी क्रम में डिप्टी चीफ सत्यारमण त्रिपाठी ने माँ वैष्णो मॉडर्न पब्लिक स्कूल कम्हारी, रॉबर्ट्सगंज सोनभद्र में और असिस्टेंट एल.ए.डी.सी. जय प्रकाश ने जय ज्योति इंटर कॉलेज चुर्क, रॉबर्ट्सगंज सोनभद्र में शिविरों का आयोजन किया। इन शिविरों में कुल 200 छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। शिविरों का मुख्य उद्देश्य Pcpndt अधिनियम, शिक्षा का अधिकार, नालसा योजनाओं, तथा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन हेतु विशेष अभियान जैसे विषयों पर कानूनी जागरूकता फैलाना था। उपस्थित सभी महिला स्टाफ को भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (ईव टीजिंग), कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम 2013, सेनेटरी नैपकिन योजना, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, लैंगिक अपराधों से संरक्षण (POCSO) अधिनियम, गर्भ का चिकित्सीय समापन अधिनियम 1971, और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम जैसे कानूनों की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, गिरफ्तारी से पूर्व, गिरफ्तारी के समय और उसके बाद महिलाओं के अधिकारों संबंधी प्रावधानों, पूर्व गर्भाधान और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (PCPNDT) अधिनियम 1994, तथा विधिक सेवा प्राप्त करने के अधिकार के बारे में भी जागरूक किया गया। शिविर में हेल्पलाइन नंबर 1090, नालसा पोर्टल 15100, विभिन्न साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930, यौन उत्पीड़न, नागरिकों के मौलिक अधिकार व कर्तव्य, सालसा का टोल फ्री नंबर 15100, नशीली दवाइयों के दुष्परिणाम और साइबर अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। नालसा द्वारा निर्देशित 'सुरक्षित दवा, सुरक्षित जीवन' अभियान के तहत जेनेटिक दवाइयों की जानकारी भी दी गई। नालसा की मानसिक बीमारी वाले व्यक्तियों और बौद्धिक विकलांग व्यक्तियों के लिए कानूनी सेवाएं योजना 2024, 'बाल विवाह मुक्त उत्तराखंड', 'बाल श्रम मुक्त उत्तराखंड' अभियान और 'उड़ान: शोषण से स्वतंत्रता' जैसे अभियानों की भी जानकारी दी गई। छात्र-छात्राओं द्वारा लोगों को बाल विवाह तथा बाल श्रम अभियान के बारे में विशेष रूप से जागरूक किया गया। यह जानकारी सिविल जज सी.डी./सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र, राहुल द्वारा प्रदान की गई।



