Sonbhadra News: एंटी करप्शन कार्रवाई के विरोध में लेखपाल संघ का धरना, निष्पक्ष जांच की मांग.
अयोध्या में लेखपाल के खिलाफ एंटी करप्शन टीम की ट्रैपिंग कार्रवाई के विरोध में रॉबर्ट्सगंज तहसील के लेखपालों ने समाधान दिवस का बहिष्कार किया। तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन कर लेखपालों ने कार्रवाई को कथित तौर पर अनैतिक और सुनियोजित बताया। प्रदर्शन के बाद सदर एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर एंटी करप्शन टीम के खिलाफ एफआईआर और निष्पक्ष जांच की मांग की।
sonbhadra
3:12 PM, Aug 22, 2026
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रॉबर्ट्सगंज तहसील परिसर में एंटी करप्शन कार्रवाई के विरोध में धरना-प्रदर्शन करते उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के पदाधिकारी और सदस्य।
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Story By: अनुज जायसवाल।
सोनभद्र।
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अयोध्या में एंटी करप्शन टीम द्वारा लेखपाल के खिलाफ की गई ट्रैपिंग कार्रवाई के विरोध में शनिवार को रॉबर्ट्सगंज तहसील के लेखपालों ने तहसील समाधान दिवस का बहिष्कार कर तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। तहसील अध्यक्ष संजय सिंह के नेतृत्व में जुटे लेखपालों ने कार्रवाई को कथित तौर पर अनैतिक और सुनियोजित बताते हुए विरोध जताया। प्रदर्शन के बाद लेखपाल संघ ने सदर एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की। धरने के दौरान लेखपालों ने कहा कि उनके एक साथी के खिलाफ एंटी करप्शन टीम द्वारा कथित तौर पर गलत तरीके से ट्रैप की कार्रवाई कर गिरफ्तारी की गई है। संघ का आरोप है कि इस तरह की कार्रवाई से राजस्व कर्मचारियों में भय का माहौल बन रहा है और उनका मनोबल प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। तहसील अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि संबंधित प्रकरण की सच्चाई सामने लाने में सचिवालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होंने सरकार से अयोध्या प्रकरण में कथित रूप से संलिप्त एंटी करप्शन टीम के अधिकारियों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। संघ ने कहा कि जांच में यदि अधिकारियों की भूमिका या अनियमितता सामने आती है तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निलंबन की कार्रवाई की जानी चाहिए। लेखपालों ने अपनी कार्य परिस्थितियों से जुड़ी समस्याएं भी उठाईं। कर्मचारियों ने बताया कि एक लेखपाल के पास करीब आठ से दस गांवों का चार्ज रहता है। कई गांव सात किलोमीटर तो कुछ करीब 50 किलोमीटर तक दूर हैं। ऐसे में केवल साइकिल भत्ते के सहारे नियमित आवागमन करना मुश्किल है। संघ ने उचित यात्रा भत्ता उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और सर्वर की समस्या का मुद्दा भी उठाया गया। लेखपालों के मुताबिक तकनीकी दिक्कतों के कारण ऑनलाइन कार्य प्रभावित होता है और अधिकारियों को समय से सूचनाएं भेजने में परेशानी होती है। लेखपालों ने कहा कि वे सीमित संसाधनों में गांव-गांव जाकर राजस्व संबंधी जिम्मेदारियां निभाते हैं। हालिया कार्रवाई के बाद कर्मचारियों और उनके परिवारों में चिंता का माहौल है। संघ ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और यदि कोई अनियमितता मिले तो जिम्मेदारी तय की जाए। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार के अगले निर्देश के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।



