Sonbhadra News: प्रसव के लिए भर्ती महिला की गईं जान, नवजात सुरक्षित, अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप.
कोन थाना क्षेत्र के ग्लोबल हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में प्रसव के लिए भर्ती आशा बहू सीमा देवी (38) पत्नी देवनारायण, निवासी सिंगा बागेसोती की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई। परिजनों के अनुसार महिला को सोमवार रात प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान महिला की तबीयत बिगड़ गई और उचित उपचार न मिलने से उसकी मौत हो गई।
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12:42 PM, May 30, 2026
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प्रसव के दौरान आशा बहू सीमा देवी की मौत से आक्रोश।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कोन थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराई गई आशा बहू की ऑपरेशन के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि नवजात शिशु सुरक्षित बताया जा रहा है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और परिजनों के साथ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मृतका की पहचान सीमा देवी (38 वर्ष) पत्नी देवनारायण, निवासी सिंगा बागेसोती के रूप में हुई है, जो स्वयं आशा बहू के पद पर कार्यरत थीं। परिजनों के अनुसार सोमवार देर रात प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें एंबुलेंस से कोन स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में भर्ती कराया गया था।
परिवार का कहना है कि सीमा देवी के पहले चार प्रसव सामान्य तरीके से हुए थे, लेकिन इस बार अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में पर्याप्त संसाधन और विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था न होने के बावजूद ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के दौरान महिला की हालत बिगड़ने लगी, लेकिन समय रहते समुचित उपचार नहीं दिया गया। कुछ देर बाद महिला की मौत हो गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि मौत की जानकारी मिलते ही अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी अस्पताल छोड़कर चले गए, जिससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। घटना की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों ने आरोप लगाया कि निजी अस्पतालों में मानकों की अनदेखी कर इलाज किया जा रहा है, जिसका खामियाजा मरीजों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों ने दोषी चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर कोन पुलिस भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोगों का आक्रोश देर तक बना रहा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित अस्पताल पहले भी विवादों में रहा है। उनका कहना है कि पूर्व में भी कथित चिकित्सीय लापरवाही के कारण यहां एक युवक की मौत हुई थी, जिसके बाद अस्पताल पर कार्रवाई की चर्चा हुई थी। ऐसे में लोगों ने सवाल उठाया कि यदि अस्पताल के खिलाफ पहले शिकायतें थीं तो उसका संचालन दोबारा कैसे शुरू हुआ और वहां ऑपरेशन जैसी सेवाएं किस अनुमति के आधार पर संचालित की जा रही थीं। इसी बीच अस्पताल में भर्ती एक अन्य प्रसूता कुसुमरी देवी (35 वर्ष) पत्नी विदेशी घसिया, निवासी लौकवाखाड़ी बागेसोती की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। बताया गया कि तीन दिन पूर्व इसी अस्पताल में उनका ऑपरेशन हुआ था। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की मौजूदगी में सरकारी अस्पताल रेफर किया गया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। आशा बहू की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है, जबकि यह घटना जिले की स्वास्थ्य सेवाओं और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
