Sonbhadra News: सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट को स्थानीय लोगों ने बताया फ्लॉप, कार्यदायी संस्था के तेवर से लोग त्रस्त.
कोन में जल जीवन मिशन की खुली पोल खुलती नज़र आ रही है, सरकार की महत्वकांक्षी योजना हर घर नल योजना को लोगों ने फ्लाप तक कह डाला। विकासखंड कोन के कई गांवों में नल कनेक्शन तो मिला पर लोगों को पानी की एक बूंद नसीब नहीं हो रही।
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5:48 PM, Aug 10, 2025
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जगह-जगह पाईप लाईन डैमेज होने के कारण समस्या उत्पन्न हुई- सहायक अभियंता
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Story By: राजन जायसवाल, कोन।
सोनभद्र।
विकास खंड कोन अंतर्गत चल रहे जल जीवन मिशन की योजना हर घर नल योजना धरातल पर धाराशायी हो गया है। कई ग्राम पंचायतों में नल कनेक्शन का कार्य पूरा नहीं हो सका, फिर भी सरकार की आंखों में धुल झोकर कागजों पर पूर्ण दिखा दिया गया है। आलम ये है की ग्रामीणों के आधार कार्ड के आधार पर कनेक्शन दे दिए गए उस हिसाब से लागत भी दिखाया जा रहा।लेकिन महीनों से नलों से एक बूंद पानी टपक जाये तो बड़ी भाग्य होगी। कोन, कचनरवा, नरोईयादामर् , मधुरी, बड़ाप, बागेसोती, सिंगा, डुबवा, पीपरखाड़ रामगढ़ महिउददीनपुर, चांचीकला, मिश्री खेतकटवा खरौंधी और नेरूइयाडामर समेत कई गांवों में योजना से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
सरकार की मंशा के विपरीत जिम्मेदारों के कार्यप्रणाली से नाराज़ वरिष्ट समाजसेवी बिहारी प्रसाद ने बताया कि कचनरवा के बड़ाप, बागेसोती के सिंगा सहित कई जगहों पर आज तक लोगों को नल कनेक्शन तक नहीं मिल सका और जिन्हें कनेक्शन मिला है वो भी अपनी किस्मत पर आंशु बहा रहे है क्योकि महीनों से पानी के एक बून्द के दर्शन के लिए तरस जा रहे है। नहीं मिल रहा है जिससे लोगों में आक्रोश ब्याप्त है। वहीं जिला पंचायत सदस्य छविन्द्र नाथ चेरो ने बताया कि क्षेत्र में अभी तक नल कनेक्शन का कार्य पूरा नहीं हुआ और न ही लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है। जिससे लोग आये दिन फ्लोरइड युक्त दूषित पानी पीने से विकलांगता के शिकार हो रहे हैं। लंबी बीमारी के बाद लोग काल के गाल में समा रहे हैं। उन्होंने संबंधित विभाग के उपर लोगों के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाकर हर घर नल योजना को फ्लाप करार कर दिया है।
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जोखन प्रसाद यादव ने बताया पूर्व में ग्राम पंचायत में जगह-जगह पानी टंकी का निर्माण हुआ था जो मात्र शो पीस बन कर रह गया। पानी के लिए पंचायतों में लगे कई हैंडपंप मरम्मत के अभाव में खराब पड़े हुए है। जिस वजह से स्थानीय लोग दूषित जल पीने को मज़बूर है जो बीमारी का घर साबित हो रहा है। विश्वसनीय सूत्र बताते है कि कार्य करने की मिली मौहलत को मद्देनज़र कार्यदायी संस्था द्वारा कागजों पर योजना को पूर्ण दिखा दिया गया है। अगर वाकई सरकार अपनी ड्रीम प्रोजेक्ट को धरातल पर देखना चाहती है तो जांच करा के देख ले जनता के साथ कितना बड़ा धोखा हो रहा है। जनता के साथ धोखा ये तो आम बात है लेकिन कर्मचारियों के साथ अन्याय करना ये समझ से परे है। पिछले कई महिनों से मेहनताना न मिलने से कर्मचारी आर्थिक संकट का सामना कर रहे है। जिससे पेयजल आपूर्ति पर व्यापक असर पड़ रहा है।
समस्या और बकाया वेतन भुगतान को लेकर कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर सुदर्शन बिंद को कॉल किया गया, हर बार की तरह इस बार भी कॉल रीसिव नहीं हुआ। जिसके बाद संपर्क करने पर स्वच्छ जल मिशन के सहायक अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि कुछ तकनीकी समस्याओं व विद्युत आपूर्ति बाधित और जगह-जगह पाईप लाईन डैमेज होने के कारण समस्या उत्पन्न हुई है। हालांकि लोगों को आश्वासन ज़रूर मिला है जिन क्षेत्रों में समस्या है उसे जल्द हल करा दिया जायेगा। वरिष्ठ समाज सेवी बिहारी प्रसाद यादव व जोखन प्रसाद यादव सहित प्रदीप, रमेश, सुदामा, शिव पूजन, रविंदर, नरेश, रोहन और सहित स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से शुद्ध पेयजल शुरू कराने की मांग की है।



