Sonbhadra News: मारकुण्डी घाटी पर लंबा जाम, एम्बुलेंस फंसी, पैसा वसूलने वाले टोल प्रबंधन पर उठे सवाल.
वाराणसी-शक्तिनगर स्टेट हाईवे पर मारकुण्डी घाटी के लोढ़ी टोल प्लाजा के पास लंबा जाम लगने से यात्री परेशान रहे। सीएचसी चोपन से मरीज लेकर जा रही एम्बुलेंस भी जाम में फंस गई, जिससे मरीज और परिजन चिंतित हुए। गिट्टी-मोरंग लदे वाहनों की आवाजाही और यातायात प्रबंधन को लेकर सवाल उठे, यात्रियों ने टोल संचालक की जिम्मेदारी पर भी नाराजगी जताई।
sonbhadra
12:14 PM, Oct 29, 2026
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मारकुण्डी घाटी पर भीषण जाम में फंसी एम्बुलेंस, बसें और भारी वाहन, यात्री परेशान, टोल प्रबंधन पर उठे सवाल।
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Story By: विकास कुमार हलचल।
सोनभद्र।
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वाराणसी-शक्तिनगर स्टेट हाईवे पर गुरुवार को मारकुण्डी घाटी के पास लंबा जाम लगने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी टोल प्लाजा के समीप यातायात बाधित होने से सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में सरकारी बसों, चारपहिया वाहनों और अन्य गाड़ियों के फंसने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गईं। जाम के कारण बुजुर्गों, बच्चों और महिला यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। सबसे चिंताजनक स्थिति उस समय सामने आई, जब सीएचसी चोपन से इमरजेंसी मरीज को लेकर जा रही एक एम्बुलेंस भी जाम में फंस गई। इससे मरीज और उसके परिजन परेशान नजर आए। जाम के चलते समय से गंतव्य तक पहुंचने की चिंता यात्रियों को सताती रही। स्थानीय स्तर पर जाम की प्रमुख वजह गिट्टी और मोरंग लदे वाहनों की आवाजाही बताई जा रही है। आरोप है कि संकरी सड़क पर वाहन चालकों के एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश के कारण यातायात व्यवस्था बिगड़ गई और वाहनों की रफ्तार थम गई। वहीं, बैरियर पर अधिकारियों की गैरमौजूदगी को भी जाम की एक वजह बताया जा रहा है। वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग सोनभद्र के प्रमुख आवागमन मार्गों में शामिल है। मारकुण्डी पर आने और जाने के लिए दो अलग रास्ते भी है, ऐसे में इस मार्ग पर जाम लगने से आम यात्रियों के साथ अन्य वाहन चालकों को भी परेशानी होती है। यात्रियों ने यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने, भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने और बैरियर पर जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके। कुछ यात्रियों का कहना है कि टोल प्लाजा वाले की जिम्मेदारी होती है की जाम की स्थिति उत्पन्न होने पर वह अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए जाम को छुड़वाए लेकिन सड़क के देखरेख करने वाली संस्था सिर्फ टोल वसूलने में व्यस्त है जो उन्हें सुविधा देनी चाहिए वह बिल्कुल नहीं देते हैं।



