Sonbhadra News: प्रसव के बाद विवाहिता की मौत, निजी अस्पताल के पंजीकरण पर सवाल; एसीएमओ बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई.
सोनभद्र में प्रसव के बाद 29 वर्षीय विवाहिता कंचन मौर्या की मौत से हड़कंप, परिजनों ने निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया। 14 अक्टूबर को ऑपरेशन से बच्ची के जन्म के बाद महिला की हालत बिगड़ी, वाराणसी के बीएचयू में उपचार के दौरान मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू की है, वहीं एसीएमओ गुलाब शंकर ने शिकायत के आधार पर एफआईआर की कार्रवाई की बात कही है।
sonbhadra
5:47 PM, Oct 22, 2026
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रामा हॉस्पिटल फ्रैक्चर एंड सर्जिकल सेंटर के बाहर विवाहिता की मौत के बाद जुटे परिजन और पुलिसकर्मी, परिजनों ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की।
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Story By: विकास कुमार हलचल।
सोनभद्र।
रॉबर्ट्सगंज में प्रसव के बाद 29 वर्षीय विवाहिता की मौत का मामला सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है। मृतका के परिजनों ने निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है। परिजनों का कहना है कि प्रसव के बाद महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई और वाराणसी में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजन शव लेकर रॉबर्ट्सगंज स्थित रामा हॉस्पिटल फ्रैक्चर एंड सर्जिकल सेंटर के सामने पहुंचे और कार्रवाई की मांग करने लगे। सूचना पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मृतका की पहचान चोपन थाना क्षेत्र के भभाइच निवासी कंचन मौर्या (29), पत्नी मिथिलेश कुमार मौर्या के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, उसकी शादी करीब दो वर्ष पहले हुई थी और यह उसका पहला बच्चा था। उसके पति खेती-किसानी करते हैं। मृतका का मायका नौगढ़ ब्लॉक के मझगाईं क्षेत्र के ठठवा गांव में बताया गया है।
14 अक्टूबर को हुआ था सिजीरियन ऑपरेशन-:
परिजन रंजीत सिंह ने बताया कि 14 अक्टूबर की भोर में कंचन को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद कंचन ने एक बच्ची को जन्म दिया। नवजात का वजन कम होने के कारण उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की बात सामने आई। इसी दौरान प्रसूता की हालत भी बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि महिला को सांस लेने में परेशानी हो रही थी और उसकी स्थिति लगातार गंभीर होती गई। परिजनों के माने तो, 17 अक्टूबर को शाम करीब 5:30 बजे महिला को वाराणसी स्थित बीएचयू अस्पताल ले जाया गया। वहां उपचार के दौरान गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन में लापरवाही के कारण महिला की हालत बिगड़ी। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अस्पताल के पंजीकरण पर भी उठे सवाल-:
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मामले में संबंधित निजी अस्पताल के पंजीकरण और वहां कार्यरत चिकित्सक की योग्यता को लेकर भी परिजनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल पहुंचने के समय उन्हें पंजीकरण और चिकित्सक की डिग्री के बारे में जानकारी नहीं थी। बाद में संदेह होने पर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
एसीएमओ ने कही जांच और कार्रवाई की बात-:
स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी एवं एसीएमओ गुलाब शंकर के अनुसार, निजी अस्पताल में सी-सेक्शन के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ने और बाद में उसकी मौत होने का मामला सामने आया है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के बाद महिला को सांस लेने में परेशानी होने की बात सामने आई है। खून की कमी सहित अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जाएगी, ताकि मौत की वास्तविक वजह का पता चल सके। अधिकारी के अनुसार, अस्पताल के पंजीकरण को लेकर भी स्थिति की जांच की जाएगी। बताया गया है कि पंजीकरण का मामला हाईकोर्ट में लंबित होने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। इस दावे की आधिकारिक दस्तावेजों से पुष्टि होना अभी बाकी है। अधिकारी ने यह भी बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया अस्पताल में जो भी मरीज भर्ती है उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए ले जाया जाएगा।
न्याय की मांग पर अड़े परिजन-:
महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के सामने शव रखकर कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, वे शव नहीं हटाएंगे। मौके पर पहुंची पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले से जुड़े तथ्यों की जांच में जुटी रही। फिलहाल प्रसूता के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज मौत के वास्तविक कारणों, ऑपरेशन के दौरान अपनाई गई चिकित्सकीय प्रक्रिया और अस्पताल के पंजीकरण की स्थिति की जांच महत्वपूर्ण है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय अभिलेखों और विभागीय जांच के आधार पर ही मौत की वजह तथा जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी



