Sonbhadra News: टायर पंचर कर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य चढ़े पुलिस के हत्थे, 10 लाख चोरी के मामले का पुलिस ने किया खुलासा.
पुलिस ने रॉबर्ट्सगंज में 10 लाख रुपये की चोरी के मामले का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्यों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। यह गिरोह टायर पंचर करने का झांसा देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाता था। यह घटना 26 दिसंबर 2025 को रॉबर्ट्सगंज स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा के पास हुई थी।
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3:41 PM, Jan 2, 2026
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आरोपियों के पास से 2 तमंचा, एक लाख 35 हजार कैश और विभिन्न बैंक खातों में 8 लाख 15 हजार बरामद।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
पुलिस ने रॉबर्ट्सगंज में 10 लाख रुपये की चोरी के मामले का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्यों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। यह गिरोह टायर पंचर करने का झांसा देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाता था। यह घटना 26 दिसंबर 2025 को रॉबर्ट्सगंज स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा के पास हुई थी। छात्र शक्ति कंपनी के अकाउंटेंट बैंक से 10 लाख रुपये नकद निकालकर अपनी कार से लौट रहे थे, तभी उनके साथ टप्पेबाजी की गई। आरोपियों ने नाबालिगों का इस्तेमाल कर कार का टायर पंचर कराया था। एक आरोपी ने अकाउंटेंट को बातों में उलझाया, जबकि दूसरा नाबालिग कार से रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू की, जिसके परिणामस्वरूप इस अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को मुठभेड़ के बाद पकड़ने में सफलता हासिल की।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 26 दिसंबर 2025 को रॉबर्ट्सगंज थाने में एक तहरीर मिली थी। इसमें बताया गया कि एक इंफ्रा कंपनी के अकाउंटेंट और ड्राइवर बैंक ऑफ बड़ौदा की रॉबर्ट्सगंज शाखा से लगभग 10 लाख रुपये नकद निकालकर वाहन से जा रहे थे। रामलीला मैदान के पास उनकी गाड़ी का टायर पंचर हो गया। इसी दौरान चार व्यक्तियों ने उन्हें भ्रमित किया और बताया कि उनके टायर की हवा कम हो गई है। जैसे ही ड्राइवर और मालिक नीचे उतरे, चारों आरोपी 10 लाख रुपये लेकर मौके से फरार हो गए।
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इस संबंध में रॉबर्ट्सगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपियों की धरपकड़ के लिए चार टीमें गठित की गईं। पुलिस ने इस क्रम में 'नायडू गैंग' का भंडाफोड़ किया। इसमें एक महिला सदस्य नंदिनी और दो बाल अपचारियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। एसओजी टीम भी लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। 1-2 जनवरी 2026 की रात पुलिस को सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य फिर से जिले में सक्रिय हैं और किसी नई घटना को अंजाम दे सकते हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी की, जिसमें दो अभियुक्तों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है जबकि दो अन्य का इलाज चल रहा है। पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि यह गिरोह पूरे भारत में सक्रिय है और अलग-अलग राज्यों व जनपदों में इसी तरीके से चोरी और ठगी की वारदातों को अंजाम देता है। यह गिरोह मूल रूप से दक्षिण भारत के तमिलनाडु से संबंधित है, जिसके कुछ सदस्य महाराष्ट्र और कुछ तमिलनाडु में रहते हैं।
पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से 10 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके साथ ही, एक बैंक खाते में जमा 8 लाख 15 हजार रुपये भी फ्रीज कर दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बरामद नकदी के अलावा, अभियुक्तों के पास से अवैध खोखा कारतूस और तमंचे भी मिले हैं। यह गिरोह केवल सोनभद्र जनपद तक ही सीमित नहीं था, बल्कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या, कानपुर, गोरखपुर जैसे विभिन्न जनपदों में भी इनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं।
इसके अलावा, मध्य प्रदेश के इंदौर सहित कई अन्य राज्यों और शहरों में भी इस गिरोह के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने अक्टूबर महीने में रॉबर्ट्सगंज में भी एक घटना को अंजाम दिया था, जिसमें एक गाड़ी का शीशा तोड़कर बैग और नकदी चुरा ली गई थी। हाल ही में, 13 दिसंबर 2025 को फतेहपुर जनपद में भी इसी तरह की घटना को अंजाम दिया गया था। गिरोह के सदस्य अक्सर नाबालिग ड्राइवरों का इस्तेमाल करते थे, क्योंकि उन पर आसानी से शक नहीं होता था। ये नाबालिग गाड़ी का दरवाजा खोलकर बैग चुरा ले जाते थे। पुलिस को शुरुआती जांच में सीसीटीवी फुटेज मिले थे। फतेहपुर की घटना के सीसीटीवी फुटेज का मिलान करने पर पता चला कि कुछ लोग दोनों जगहों पर मौजूद थे। तकनीकी विश्लेषण से यह जानकारी सामने आई कि यह गिरोह दक्षिण भारत का है और इसके लगभग सभी सदस्य वहीं के रहने वाले हैं। उनके मूल जनपदों में उनके आपराधिक रिकॉर्ड का पता लगाने के लिए पत्र भेजे गए हैं।



