Sonbhadra News: योग शिविर में स्वास्थ्य और योग के महत्व पर दिया गया संदेश.
बभनी में चल रहे 25 दिवसीय योग शिविर के सातवें दिन स्वास्थ्य पर बौद्धिक सत्र हुआ। योगा प्रसाद महाराज ने योग, आयुर्वेद, अनुशासन और गहरी नींद के महत्व पर चर्चा की। शिविर में बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने हिस्सा लिया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
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7:20 PM, Sep 28, 2026
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बभनी में 25 दिवसीय योग शिविर के सातवें दिन योगाभ्यास करते महिला-पुरुष और बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते योगा प्रसाद महाराज।
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Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, बभनी।
सोनभद्र।
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बभनी में चल रहे 25 दिवसीय योग शिविर के सातवें दिन योगा प्रसाद महाराज जी ने स्वास्थ्य पर बौद्धिक सत्र लिया। उन्होंने योग, अनुशासन और आयुर्वेद को जोड़कर स्वस्थ जीवन का रास्ता बताया। महाराज जी ने बताया कि ॐ के उच्चारण से थायराइड, हृदय और फेफड़ों के रोगों में फायदा मिलता है। भुजंगासन और मकरासन रीढ़ की हड्डी व पेट के लिए अच्छे हैं। भोजन के बाद वज्रासन में बैठने से पाचन क्रिया ठीक रहती है। उन्होंने कहा कि योग से शरीर के वात, पित्त और कफ दोषों को संतुलित रखा जा सकता है। त्रिफला चूर्ण तीनों दोषों को ठीक करने वाली सबसे अच्छी औषधि है। करेला, टमाटर, तुलसी और गिलोय का रस इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। बुद्धि के विकास के लिए गहरी नींद और सही माहौल जरूरी है। प्राचीन समय में बच्चे के जन्म के बाद 13 दिनों तक कमरे में दीपक जलाया जाता था, जो पीनियल ग्रंथि के विकास के लिए अहम था। उन्होंने 'धन्यवाद से बड़ा कोई योग नहीं' कहकर कृतज्ञता का महत्व बताया। इस दौरान विरेन्द्र योगी, राम प्रकाश पाण्डेय, अरविंद दुबे, मिथलेश गुप्ता, वरुण गुप्ता, डा हीरालाल, त्रिलोकी गुप्ता, रविन्द्र नाथ गुप्ता के बड़ी संख्या में महिला पुरुष उपस्थित रहे।



