मुख्य खबरें/न्यूज़/sonbhadra news mining blasts snatched away peace villagers of khertia are living in fear of the shadow of stones silence of officials raised serious questions

Sonbhadra News: खनन के धमाकों ने छीना सुकून, पत्थरों के साए की दहशत में जी रहे खैरटिया के ग्रामीण, अधिकारियों की मौन ने उठाएं गंभीर सवाल.

ओबरा के खैरटिया गांव में डी.एस. इंटरप्राइजेज की खदान के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध जारी है। ग्रामीणों ने ब्लास्टिंग से घरों पर पत्थर गिरने, बोरिंग नष्ट होने और भूजल स्तर प्रभावित होने का आरोप लगाया। साथ ही जनसुनवाई कराए बिना खदान संचालन की अनुमति देने पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।

sonbhadra

7:32 PM, Jun 27, 2026

Share:

Sonbhadra News: खनन के धमाकों ने छीना सुकून, पत्थरों के साए की दहशत में जी रहे खैरटिया के ग्रामीण, अधिकारियों की मौन ने उठाएं गंभीर सवाल.
logo

खदान की ब्लास्टिंग के विरोध में खेरटिया गांव के ग्रामीण एकजुट होकर प्रदर्शन करते हुए।

Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें

Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।

सोनभद्र।

ओबरा तहसील क्षेत्र के खैरटिया गांव में स्थित मे0 डी. एस. इंटरप्राइजेज नामक खदान के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र विरोध जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान में लगातार हो रही ब्लास्टिंग से उनके घरों तक पत्थर आ रहे हैं, जिससे जान का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि खनन कार्य के कारण उनके घरों तक पत्थर पहुंच रहे हैं। इसके अलावा, खदान क्षेत्र में पानी के लिए की गई बोरिंग को भी नष्ट कर दिया गया है। यह बोरिंग खेती कार्य के लिए पानी का स्रोत थी, जिसके नष्ट होने से उन्हें चिलचिलाती धूप में पानी के लिए दूर जाना पड़ रहा है। खनन और ब्लास्टिंग से पानी का स्तर नीचे जाने की भी आशंका जताई जा रही है। शनिवार को ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्षो की तरफ से डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची।

Img

हालांकि, पुलिस की मौजूदगी के बावजूद जेसीबी से खुदाई का काम जारी रहा, जिससे ग्रामीण और अधिक उग्र हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब मिलीभगत से हो रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि गांव के बीच में यह खदान किस नियम के तहत शुरू की गई और बिना उचित जांच के इसे पट्टा कैसे दे दिया गया। नियमानुसार, खदान का पट्टा देते समय संभावित चुनौतियों पर ग्रामीणों के साथ जन सुनाई (चौपाल) लगाकर चर्चा की जाती है, लेकिन इस खदान के संचालन से पहले ऐसा कोई चौपाल नहीं लगाया गया। विरोध करने वाले गरीब आदिवासियों को लगातार धमकियां भी दी जा रही हैं। देवकली और परमेश्वरी नामक महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन पर जेसीबी मशीन से जबरन खनन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके खेतों में लगी बोरिंग को भी उखाड़ दिया गया है।

Img

देवकली ने बताया कि उनकी जमीन पर जबरन खनन किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह जमीन उनकी है, लेकिन उनके ही पट्टीदारों ने इसे गलत तरीके से लीज पर दे दिया है। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो पीआरबी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस के मना करने के बावजूद मशीन को दोबारा खनन के लिए भेज दिया गया। देवकली ने आरोप लगाया कि खनन के दौरान उनके खेत में कराई गई बोरिंग को मशीन से उखाड़ दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि भारी ब्लास्टिंग के कारण उनके घर तक पत्थर आकर गिरते हैं।

Img

महिला ने सबूत के तौर पर लिए पत्थर को उनके हाथ से राहुल दुबे ने छीन लिया जिससे आरोप लगने पर खदान की पत्थर की पहचान ना हो सके। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि खनन से जुड़े कुछ लोग उन्हें लगातार धमका रहे हैं। इसके बावजूद, शांति से जीवन यापन करने के लिए स्थानीय निवासी खनन बंद कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी तरह की शिकायत परमेश्वरी ने भी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जमीन में दोबारा जेसीबी मशीन घुसाई गई।

विज्ञापन

Img

परमेश्वरी ने बताया कि इससे पहले भी जेसीबी लाई गई थी, जिसका उन्होंने विरोध किया था और उसे वहां से हटवा दिया गया था। परमेश्वरी ने आगे आरोप लगाया कि मशीन हटाए जाने के बाद डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन मशीन को हटवाने के बजाय उसे फिर से खेत में प्रवेश करा दिया गया। उन्होंने कहा कि वह और उनके परिवार के लोग लगातार इसका विरोध कर रहे हैं, लेकिन उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं।

Img

ग्राम पंचायत सदस्य दुर्गा सिंह गोड़ ने क्षेत्र में चल रहे खनन कार्यों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि खनन कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा और जीवन पर खतरा मंडरा रहा है। गोड़ ने बताया कि खनन का एग्रीमेंट एक व्यक्ति के नाम पर है, जबकि खुदाई कोई अन्य व्यक्ति करवा रहा है। इसी अनियमितता का विरोध करने के लिए स्थानीय ग्रामीण मौके पर एकत्र हुए थे, जिसके बाद उन्हें भी घटनास्थल पर पहुंचना पड़ा।

Img

उन्होंने आरोप लगाया कि आबादी के बीच खदान संचालित होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। ब्लास्टिंग के दौरान पत्थर उड़कर घरों तक पहुंच रहे हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा खतरे में है। इसके अलावा, पेयजल के लिए कराई गई बोरिंग भी सूखने लगी है और ब्लास्टिंग से उड़कर आए पत्थर की चपेट में आने से एक गाय भी घायल हो चुकी है। सदस्य ने भारी वाहनों के बस्ती से गुजरने पर दुर्घटना की आशंका जताई, क्योंकि आसपास बच्चे खेलते रहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रात के समय भी खनन कार्य जारी रहता है और पूरी रात खदान में कंप्रेसर मशीनें चलती रहती हैं।

Img

जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी होती है। दुर्गा सिंह गोड़ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि खनन करना आवश्यक है, तो उसे आबादी से दूर और निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित किया जाए। प्रदर्शन के दौरान देवकली, प्रमेशरी, जीरवती, शिवकुमार, शान्ति, रीता अंजू, शारदा, भगवती, सोनिया, सुशिला गुंजा, चन्दा, खुलपत, राज कुमारी, इशरावती और शकुंतला मुख्य रूप से शामिल रही।


headingicon

सम्बंधित खबर


headingicon

विज्ञापन


headingicon

लोकल न्यूज़

और देखे
headingicon

विज्ञापन

headingicon

विज्ञापन

Design and Developed by SpriteEra IT Solutions Pvt. Ltd.
© Copyright Purvanchal Bhaskar 2025. All rights reserved.