Sonbhadra News: खनन निदेशक माला श्रीवास्तव ने खनन गतिविधियों की जमीनी हकीकत का जायजा लिया, दिया आवश्यक निर्देश.
खनन निदेशक माला श्रीवास्तव ने अपने दो दिवसीय सोनभद्र दौरे के दौरान विभिन्न खनन स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने खनन गतिविधियों की जमीनी हकीकत का जायजा लिया और सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान दिया। दौरे के पहले दिन, निदेशक ने बिल्ली मारकुण्डी खनन स्थल का दौरा किया। इसके बाद, वह कृष्णा माइनिंग वर्क्स पहुंचीं, जहां हाल ही में एक हादसे में सात मजदूरों की मौत हो गई थी।
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7:49 PM, Dec 14, 2025
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खनन निदेशक ने कृष्णा माइनिंग वर्क्स का भी किया दौरा, जानी घटना को लेकर ज़मीनी हकीकत।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
खनन निदेशक माला श्रीवास्तव ने अपने दो दिवसीय सोनभद्र दौरे के दौरान विभिन्न खनन स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने खनन गतिविधियों की जमीनी हकीकत का जायजा लिया और सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान दिया। दौरे के पहले दिन, निदेशक ने बिल्ली मारकुण्डी खनन स्थल का दौरा किया। इसके बाद, वह कृष्णा माइनिंग वर्क्स पहुंचीं, जहां हाल ही में एक हादसे में सात मजदूरों की मौत हो गई थी। निदेशक ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण कर स्थिति का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान, बड़े पैमाने पर खनन उत्पादन के डिस्पैच को ऑफलाइन से ऑनलाइन करने पर विचार किया गया।
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खनन कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन प्रणाली अपनाने पर विशेष जोर दिया गया। निदेशक ने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक बैठक भी की। इसमें वन विभाग और प्रदूषण विभाग से संबंधित लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए गए। बैठक में क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने, खनिज उत्पादन में वृद्धि करने और निवेश को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। खनन कार्यों में सुरक्षा के महत्व को देखते हुए, दक्ष कार्मिकों के माध्यम से ही कार्य कराने पर बल दिया गया। इसके अतिरिक्त, खनन क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए गए।
स्थानीय निवासी निर्भय चौधरी ने खनन कार्यों को मानकों के अनुरूप करने की मांग की। उन्होंने अवैध विस्फोटक के उपयोग पर रोक लगाने, मजदूरों से काम करवाने और बड़ी पोकलेन मशीनों का उपयोग बंद करने का आग्रह किया। चौधरी ने भूगर्भ से जल दोहन रोकने और डीजीएमएस द्वारा खनन स्थलों पर खान सुरक्षा सप्ताह आयोजित करने की भी मांग की, ताकि मजदूरों और अन्य कर्मियों को खनन नीतियों और मानकों की जानकारी मिल सके। निर्भय चौधरी ने अवैध बोल्डर खनन को रोकने की भी बात कही, जिससे राजस्व का नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि हाफ इंच की गिट्टी पूरे खनन और वन क्षेत्र में फैली हुई है, जो अवैध खनन का प्रमाण है। चौधरी ने यह भी मांग की कि गहरी हो चुकी खदानों को बंद कर दिया जाए ताकि भूगर्भ को कोई खतरा न हो।



