Sonbhadra News: प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने महिला आरक्षण पर रखी बात, सर्किट हाउस में हुई बैठक.
रॉबर्ट्सगंज स्थित सर्किट हाउस में महिला आरक्षण बिल पर बैठक आयोजित। प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने 33% आरक्षण पर जोर दिया, महिलाओं को राजनीति में अधिक भागीदारी मिलेगी। यूपी में 403 सीटों में 132 सीटें महिलाओं के लिए संभावित बताईं। महिलाओं के सशक्तिकरण को बताया देश विकास की कुंजी।
sonbhadra
9:03 PM, Apr 26, 2026
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यूपी में 403 सीटों में 132 सीटें महिलाओं के लिए संभावित- रविंद्र जायसवाल।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
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सोनभद्र स्थित सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में यूपी सरकार के स्टांप, न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग के प्रभारी मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल की अध्यक्षता में महिला आरक्षण बिल को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लाया गया, जिसे वर्ष 2023 में विपक्ष के विरोध के बावजूद पारित किया गया। प्रभारी मंत्री ने बताया कि इस कानून को लागू करने की प्रक्रिया 2029 तक पूरी करने की योजना है। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से मजबूत होने का अवसर मिलेगा। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा की वर्तमान 403 सीटों में लगभग 33 प्रतिशत आरक्षण लागू होने पर करीब 132 सीटें महिलाओं के लिए सुरक्षित होंगी, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं विधायक बन सकेंगी। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में नारी शक्ति का महत्वपूर्ण स्थान है। घर-परिवार के संचालन में महिलाओं की भूमिका बेहद प्रभावशाली होती है और यदि यही क्षमता उन्हें विधानसभा और लोकसभा में निर्णय लेने का अवसर दे, तो देश और तेजी से आगे बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि गांवों में रहने वाली मातृशक्ति को भी अब राजनीति में आगे आने का अवसर मिलेगा, जिससे विकास की नई दिशा तय होगी। मंत्री ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ दलों ने इस बिल का विरोध कर इसे कमजोर करने का प्रयास किया। उन्होंने दावा किया कि यदि यह कानून पूरी तरह लागू हो जाता, तो सोनभद्र जैसे जनपदों से भी अधिक संख्या में महिला जनप्रतिनिधि विधानसभा और लोकसभा में पहुंच सकती थीं। उन्होंने भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में नारी को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए सीता-राम, लक्ष्मी-नारायण और राधा-कृष्ण का उल्लेख किया, जहां नारी को प्रथम स्थान दिया गया है। साथ ही स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई के योगदान को भी याद किया। उन्होंने बताया कि इस बिल को लागू करने से पहले सभी पक्षों की राय लेने के लिए समिति बनाई गई थी, जिसमें विभिन्न दलों के प्रतिनिधि शामिल थे। समिति की सिफारिशों के आधार पर इसे आगे बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर लोकतंत्र को और मजबूत करना है। बैठक के दौरान मंत्री ने यह भी कहा कि पहले गांवों में महिलाओं को पर्दे के पीछे रखा जाता था, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। महिलाएं पंचायत से लेकर अन्य मंचों तक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने इसे सकारात्मक बदलाव बताते हुए कहा कि आने वाले समय में महिलाओं की भागीदारी और बढ़ेगी। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
