Sonbhadra News: मत्स्य योजनाओं में अनियमितताओं पर सख्त हुए मंत्री संजय निषाद, जांच के दिए निर्देश.
मत्स्य योजनाओं में गड़बड़ी मिलने पर मंत्री ने जांच के आदेश दिए। कई केज में मछली पालन बंद और काई जमी मिली। पुराने केज को नया दिखाकर अनुदान के दुरुपयोग का आरोप। लाभार्थियों से जबरन पैसे लेने की शिकायत भी सामने आई। मंत्री ने कहा- दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
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5:45 PM, Apr 10, 2026
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स्थलीय जांच में अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध, कार्रवाई के संकेत।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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जनपद दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के क्रियान्वयन में सामने आई अनियमितताओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। शिकायत मिलने के बाद उन्होंने रिहंद बांध और ओबरा डैम का स्थलीय निरीक्षण किया, जहां कई गंभीर खामियां उजागर हुईं। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पाया कि कई स्थानों पर पुराने केज को नया दिखाकर अनुदान राशि का दुरुपयोग किया गया है। कई केज में मछली पालन पूरी तरह बंद मिला, जहां काई जमी हुई थी और जाल तक नहीं लगाए गए थे। इससे स्पष्ट होता है कि योजना का लाभ लेने के बावजूद जमीनी स्तर पर कार्य नहीं हो रहा है। मंत्री ने बताया कि कई लाभार्थियों ने शिकायत की है कि उनके नाम पर योजना स्वीकृत हुई, लेकिन वास्तविक रूप से मछली पालन कोई अन्य व्यक्ति कर रहा है। कुछ मामलों में लाभार्थियों से जबरन पैसे लेने और दबाव बनाने की बात भी सामने आई है, जिसे उन्होंने गंभीर अनियमितता बताया। संजय निषाद ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मछुआरा समुदाय और जरूरतमंद लोगों को अनुदान देकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें। लेकिन कुछ अधिकारियों और संबंधित लोगों की मिलीभगत से योजनाओं की मंशा प्रभावित हो रही है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि शिकायत करने वाले लाभार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। मंत्री ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ताओं से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर मामले की गहराई से जांच की जाएगी और बड़े स्तर पर मंथन कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। जांच के दौरान कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिस पर उन्हें तत्काल प्रभाव से अटैच कर विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंच सके।
