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मुख्य खबरें/न्यूज़/sonbhadra news mixed forest will develop from 20 thousand plants at langra turn of dala dense forest will be ready in three years

Sonbhadra News: डाला के लंगड़ा मोड़ पर 20 हजार पौधों से विकसित होगा मिश्रित वन, तीन साल में तैयार होगा सघन वन.

डाला के बिल्ली-मारकुंडी स्थित लंगड़ा मोड़ पर 0.55 हेक्टेयर वन भूमि में 20 हजार पौधे लगाकर मिश्रित वन विकसित करने की पहल शुरू हुई। मुख्य वन संरक्षक सुशांत शर्मा ने पौधरोपण कर पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। वन विभाग के अनुसार, नियमित सिंचाई और देखरेख के जरिए तीन वर्षों में सघन वन तैयार करने का लक्ष्य है।

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5:54 PM, Oct 27, 2026

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Sonbhadra News: डाला के लंगड़ा मोड़ पर 20 हजार पौधों से विकसित होगा मिश्रित वन, तीन साल में तैयार होगा सघन वन.
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बिल्ली-मारकुंडी के लंगड़ा मोड़ पर मिश्रित वन परियोजना का शुभारंभ करते मुख्य वन संरक्षक सुशांत शर्मा और उपस्थित अधिकारीगण।

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Story By: आर.एन. पाण्डेय, डाला।

सोनभद्र।

ओबरा वन प्रभाग के डाला वनरेंज अंतर्गत बिल्ली-मारकुंडी के लंगड़ा मोड़ पर मंगलवार को मिश्रित वन विकसित करने के पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया गया। मुख्य वन संरक्षक, मिर्जापुर सुशांत शर्मा ने पौधरोपण कर इस परियोजना की शुरुआत की। वन विभाग की इस पहल के तहत 0.55 हेक्टेयर वन भूमि पर करीब 20 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। विभाग का लक्ष्य है कि अगले तीन वर्षों में इस क्षेत्र को सघन वन के रूप में विकसित किया जाए। मुख्य वन संरक्षक सुशांत शर्मा ने बताया कि परियोजना के माध्यम से वन क्षेत्र को हरित स्वरूप देने के साथ मिश्रित वन तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने और वन संपदा को समृद्ध करने में मदद मिलेगी।

गहरी भूमि को समतल कर तैयार किया गया प्रोजेक्ट-:

प्रभागीय वनाधिकारी ओबरा दिलीप कुमार तिवारी ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के लिए गहरी वन भूमि को रेडमेड, राख और मिट्टी डालकर पाटा गया है। इसके बाद यहां सघन पौधरोपण की योजना बनाई गई। उन्होंने बताया कि परियोजना को तैयार करने में उत्तर प्रदेश वन विभाग, मध्य प्रदेश स्थित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान तथा रेनुकूट के भारतीय एल्युमिनियम संघ का संयुक्त प्रयास रहा है। पौधों की सुरक्षा के लिए परियोजना स्थल के चारों ओर जालीदार लोहे की बाड़ लगाई गई है, ताकि पौधों को नुकसान से बचाया जा सके और उनका समुचित विकास हो सके।

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आम, महुआ, आंवला और सागौन समेत कई प्रजातियों का रोपण-:

डाला वनरेंज के वन क्षेत्राधिकारी इंद्रजीत पाल ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के नियमित रखरखाव और सिंचाई के लिए वन रक्षक की तैनाती की गई है। पौधों को पानी के टैंकर से प्रतिदिन सिंचाई की जाएगी, जिससे उनके बेहतर विकास को सुनिश्चित किया जा सके। इस परियोजना के अंतर्गत आम, अमरूद, जामुन, महुआ, आंवला, शीशम, सागौन और चिलबिल समेत विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं। वन विभाग को उम्मीद है कि नियमित देखरेख और सिंचाई के जरिए तीन वर्षों में यह क्षेत्र सघन मिश्रित वन का स्वरूप ले सकेगा।

अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद-:

पायलट प्रोजेक्ट के शुभारंभ के अवसर पर एसीओ मयंक पांडेय, एसडीओ कपिल कुमार, प्रोजेक्ट हेड राजेश कपूर, अनिल सिंह, सत्यजीत आचार्य, विनीत कुमार, डॉ. संजय बाला, डॉ. गजेंद्र सिंह और अंकित देवतवाल सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


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