Sonbhadra News: पहली बारिश में ही तालाब बनी नई सड़क, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा.
कोन विकास खंड की कोटा ग्राम पंचायत के कोटा खास टोले में नवनिर्मित सड़क पहली ही बारिश में जलमग्न हो गई। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से स्कूली बच्चों, राहगीरों और ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। गुरुवार को ग्रामीणों ने सड़क पर प्रदर्शन कर निर्माण में लापरवाही का आरोप लगाया और सड़क, नाली, पटरी व स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग की। चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
sonbhadra
9:10 AM, Jul 10, 2026
Share:


पहली बारिश में ही तालाब बनी नई सड़क, जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: आर. एन. पाण्डेय, कोटा।
सोनभद्र।
विज्ञापन
कोन विकास खंड की कोटा ग्राम पंचायत के टोला कोटा खास में हाल ही में निर्मित सड़क पहली ही बारिश में जलभराव की चपेट में आ गई। सड़क पर पानी भर जाने से स्कूली बच्चों, स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या से नाराज दर्जनों ग्रामीणों ने गुरुवार को तेलगुड़वा-कोन संपर्क मार्ग स्थित कोटा खास सड़क पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन से तत्काल समस्या के समाधान की मांग की। प्रदर्शन के दौरान स्थानीय निवासी एवं समाजसेवी निर्भय चौधरी ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई है। उनका कहना था कि कोटा खास बाजार में सड़क को समतल बनाने के बजाय दोनों किनारों को ऊंचा कर बीच का हिस्सा नीचे छोड़ दिया गया, जिससे बारिश का पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है। जल निकासी के लिए नाली का निर्माण नहीं होने से हर बारिश में सड़क तालाब का रूप ले लेती है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और ग्रामीण आवागमन करते हैं। सड़क पर जलभराव होने के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार बाइक चालक संतुलन खो देते हैं, जिससे महिलाएं और बच्चे गिरकर घायल भी हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन उसकी गुणवत्ता बेहद खराब है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की तकनीकी जांच कराकर निर्माण में हुई अनियमितताओं की जांच कराने, सड़क के दोनों ओर नालियों का निर्माण कराने, पटरी बनवाने तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे व्यापक जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।
