Sonbhadra News: एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी, 5 से 10 अक्टूबर तक चरणबद्ध प्रदर्शन.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। सीएचसी चोपन में एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ ने नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन समेत प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ ने 5 से 10 अक्टूबर तक चरणबद्ध विरोध और कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है। मांगें पूरी नहीं होने पर 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी गई।
sonbhadra
3:58 PM, Oct 8, 2026
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एनएचएम संविदा कर्मचारियों का मांगों को लेकर प्रदर्शन, नियमितीकरण व समान वेतन की मांग पर धरने पर बैठे कर्मचारी।
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Story By: चंदन कुमार, चोपन।
सोनभद्र।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ की ओर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोनभद्र को दिए गए पत्र में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन सहित विभिन्न मांगों को उठाया गया है। संघ ने बताया कि प्रदेश में एक लाख से अधिक कर्मचारी संविदा पर कार्यरत हैं और लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शासन के समक्ष आवाज उठा रहे हैं। सीएचसी चोपन में प्रदर्शन के दौरान संघ की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन, 10 लाख रुपये का कैशलेस हेल्थ बीमा, गैर जनपद स्थानांतरण, अनुकंपा नियुक्ति, आउटसोर्स कर्मचारियों का एनएचएम में समायोजन तथा नियमित भर्ती में 25 प्रतिशत वेटेज शामिल हैं। संघ ने पत्र में कहा है कि यदि 4 अक्टूबर 2026 तक मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो 5, 6 और 7 अक्टूबर को पूरे जनपद में सभी कर्मचारी काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे। इसके बाद 8, 9 और 10 अक्टूबर को जनपद मुख्यालय समेत सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर अन्य कार्यों का बहिष्कार कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की बात कही गई है। संघ ने आगे 12 अक्टूबर 2026 से लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। पत्र में संघ ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मांगों से संबंधित ज्ञापन को शासन तक भेजने का अनुरोध किया है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि संविदा कर्मचारियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा। पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, संबंधित चिकित्सा अधिकारियों और प्रदेश संगठन को भी भेजी गई है।


