Sonbhadra News: घर की ओर बढ़ रहा था नौ फीट लंबा मगरमच्छ, वन विभाग ने किया रेस्क्यू.
घोरावल के बिसरेखी गांव में रविवार सुबह आबादी के बीच करीब नौ फीट लंबा विशालकाय मादा मगरमच्छ पहुंचने से हड़कंप मच गया। मगरमच्छ एक ग्रामीण के घर की ओर बढ़ रहा था, जिसे देखकर लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद रस्सी और जाल की मदद से मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। बाद में उसे मुक्खा फाल के जलाशय में छोड़ दिया गया।
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2:19 PM, Aug 16, 2026
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बिसरेखी गांव में विशालकाय मगरमच्छ के रेस्क्यू के दौरान बांस की मदद से उसे सुरक्षित ले जाते ग्रामीण।
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Story By: अनुज जायसवाल, सोनभद्र।
घोरावल।
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बिसरेखी गांव में रविवार सुबह उस समय ग्रामीणों में दहशत फैल गई, जब आबादी के बीच करीब नौ फीट लंबा विशालकाय मगरमच्छ दिखाई दिया। बांस के पेड़ के पास से निकलकर मगरमच्छ धीरे-धीरे रमेश विश्वकर्मा के घर की ओर बढ़ रहा था। अचानक सामने आए इतने बड़े मगरमच्छ को देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। मगरमच्छ की विशाल कद-काठी और गतिविधि को देखते हुए ग्रामीणों ने उसके पास जाने का जोखिम नहीं उठाया। तत्काल वन विभाग को सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी ज्ञानेश कुमार के निर्देश पर वन दारोगा राजन मिश्रा के नेतृत्व में वन्य जीव रक्षक राहुल कुमार, विशाल कुमार, उज्जवल पांडेय और ओमप्रकाश मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने आसपास के लोगों को सुरक्षित दूरी पर हटाया और इसके बाद मगरमच्छ को पकड़ने की कवायद शुरू की। टीम ने रस्सी, जाल और बांस की मदद से सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाया। करीब एक घंटे तक चले प्रयास के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित काबू में कर लिया गया। वन विभाग के अनुसार पकड़ा गया मगरमच्छ मादा है और उसकी लंबाई करीब नौ फीट है। उसका वजन लगभग ढाई कुंतल बताया गया है। रेस्क्यू के बाद वनकर्मी उसे सुरक्षित वाहन से मुक्खा फाल स्थित जलाशय में ले गए, जहां उसे प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया। वन क्षेत्राधिकारी ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बारिश के दौरान नदियों, नहरों और तालाबों में जलस्तर बढ़ने के कारण मगरमच्छों के आबादी वाले इलाकों तक पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है। बिसरेखी गांव में भी मगरमच्छ के पहुंचने की सूचना पर तत्काल टीम भेजकर उसका सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि बारिश के मौसम में नदी, नहर, तालाब और अन्य जलस्रोतों के आसपास विशेष सतर्कता बरतें। खेतों और झाड़ियों में भी जाने से पहले सावधानी रखें। यदि कहीं मगरमच्छ दिखाई देता है तो उसके पास जाने, उसे घेरने या पकड़ने का प्रयास न करें। वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम मौके पर पहुंचकर वन्यजीव को सुरक्षित रेस्क्यू कर सके। समय रहते सूचना मिलने से ग्रामीणों और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।



