Sonbhadra News: अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र की मांग को लेकर निषाद समाज ने सौंपा ज्ञापन.
निषाद पार्टी के पदाधिकारियों ने समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव सिंह गौड़ को ज्ञापन सौंपकर मझवार, तुरैहा, निषाद, केवट, मल्लाह समेत कई जातियों को अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की। ज्ञापन में वर्ष 2016-17 के शासनादेशों का प्रभावी पालन कराने और पात्र लोगों को एससी प्रमाणपत्र जारी करने की मांग उठाई गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष अनिकेत निषाद सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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3:57 PM, Jul 28, 2026
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अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र की मांग को लेकर निषाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्य मंत्री संजीव सिंह गौड़ को ज्ञापन सौंपा।
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Story By: आर. एन. पाण्डेय, डाला।
सोनभद्र।
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मंगलवार को निषाद पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव सिंह गौड़ को उनके आवास पर ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन मझवार, तुरैहा सहित निषाद समाज की विभिन्न जातियों को अनुसूचित जाति (एससी) का प्रमाणपत्र जारी करने की मांग को लेकर दिया गया। ज्ञापन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई। इसमें बताया गया कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1994 में वर्ष 2016 और 2017 में संशोधन किए गए थे। इन संशोधनों के बाद निषाद, केवट, मल्लाह, कश्यप, कहार, धीमर, बिंद, बाथम, तुरहा, गोड़िया, मांझी, मछुआ सहित कई जातियों को पिछड़ा वर्ग की सूची से हटा दिया गया था। इसके बावजूद, तहसील और जिला स्तर पर इन समुदायों के लोगों को अभी भी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा है। ज्ञापन में इसे शासनादेश के विपरीत बताया गया। ज्ञापन में 10 अगस्त 1950 की राष्ट्रपति अधिसूचना, वर्ष 1961 के जनगणना अभिलेख और 29 अगस्त 1977 के भारत सरकार के शासनादेश का उल्लेख किया गया। इसमें दावा किया गया कि मझवार, तुरैहा और उनसे संबंधित कई जातियां अनुसूचित जाति की श्रेणी में सूचीबद्ध हैं। यह भी बताया गया कि देश के कई राज्यों में इन समुदायों को अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त है। निषाद पार्टी के प्रतिनिधियों ने मांग की कि वर्ष 2016 और 2017 के शासनादेशों का प्रदेशभर में प्रभावी अनुपालन कराया जाए। उन्होंने संबंधित जातियों को अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र जारी करने और उन्हें अनुसूचित जाति के अंतर्गत मिलने वाले सभी संवैधानिक अधिकार तथा योजनाओं का लाभ देने की मांग की। साथ ही, उत्तराखंड की तर्ज पर आवश्यक विधायी कार्रवाई कर इन जातियों की स्पष्ट परिभाषा निर्धारित करने की भी मांग की गई। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष अनिकेत निषाद, प्रदेश महासचिव दयाशंकर निषाद, जिला संयोजक शिवेंद्र निषाद, छोटेलाल साहनी, राम सुंदर, मुनिया देवी, पिंटू, प्रदीप, फूलचंद चौधरी, विनय, राकेश, लाल साहब, लालजी, विनोद चौधरी, राज नारायण सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
