Sonbhadra News: मौत बन चुके ओबी डंपिंग और कोल वॉरफॉल के बीच सांस लेता गांव, NCL की बेरुखी और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता निराशाजनक.
'नाउ टोला बस्ती' अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। बस्ती ओबी डंपिंग और कोल वॉरफॉल के कारण गंभीर खतरे में है। ग्रामीणों का कहना है कि वे खनन गतिविधियों से उत्पन्न 'मौत के पहाड़ों', वॉरफॉल और बारिश के पानी के बीच घिरे हुए हैं। इन परिस्थितियों के कारण बस्ती का जीवन दूभर हो गया है। लोगों ने नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) की उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की बेरुखी पर निराशा व्यक्त की है।
sonbhadra
3:29 PM, Oct 4, 2025
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NCL की उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की बेरुखी पर स्थानीय लोगों ने निराशा व्यक्त की है।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
शक्तिनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत खड़िया ग्राम पंचायत का ‘नाउ टोला बस्ती’ आज अपने अस्तित्व को बचाने की जंग लड़ रहा है। गांव के एक ओर एनसीएल खड़िया परियोजना का विशाल ओबी डंपिंग पहाड़ की तरह खड़ा है, जो लगातार धूल, पत्थर और प्रदूषण का कहर बरसा रहा है।
दूसरी ओर कोयले की वॉरफॉल ने जीवन को और कठिन बना दिया है। गांव के समीप बना नाला, जिसे परियोजना के विस्तार के दौरान संकरा कर दिया गया था, हर बारिश में गांव के लिए काल बनकर टूट पड़ता है। ग्रामवासियों का कहना है कि पिछले चार वर्षों से हर बारिश के मौसम में यही त्रासदी दोहराई जाती है।
पानी के तेज बहाव से घरों में कीचड़ भर जाता है, मवेशी बह जाते हैं और बच्चों तक का स्कूल जाना दूभर हो जाता है। एनसीएल प्रशासन की ओर से हर बार “सहायता” के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जाती है और स्थानीय जनप्रतिनिधि सहानुभूति जताकर चुप हो जाते हैं।
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ग्रामवासियों का आरोप है कि न तो परियोजना प्रबंधन ने कोई स्थायी समाधान निकाला, न प्रशासन ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया। परिणामस्वरूप नाउ टोला बस्ती के लोग अपने ही घरों में डर और निराशा के साये में जीने को मजबूर हैं।
अब सवाल यह है कि क्या ‘विकास’ के नाम पर लोगों का आस्तित्व मिटाना ही प्रगति की पहचान बन चुका है? खड़िया नाउ टोला के निवासियों की यह पुकार शायद अब भी किसी सुनने वाले कान की प्रतीक्षा कर रही है। गुस्साए ग्रामीणों के साथ स्थानीय थाना प्रभारी की उपस्थिति में ग्राम प्रधान विजय गुप्ता लालबाबू, बसपा नेता पन्ना लाल, सपा नेता मुकेश सिंह।
विस्थापित युवा संजय गुप्ता, सोनू वर्मा, जितेंद्र कुमार, शशांक अग्रहरि व समाजसेवी सनीशरण ने एनसीएल अधिकारियों से वार्ता की जिसके बाद मौके का निरीक्षण कर नुकसान की भरपाई और समस्या के ठोस निस्तारण की बात कही गई।



