Sonbhadra News: बढ़ते जलस्तर के बीच खुला ओबरा डैम का गेट, नदी किनारे बढ़ी सतर्कता.
ओबरा डैम में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बीती रात 2:20 बजे गेट नंबर-08 को तीन फीट खोलकर पानी की निकासी की गई। रेणु नदी के रास्ते पानी सोन नदी में पहुंचने की संभावना के चलते नदी किनारे के गांवों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने लोगों से नदी और निचले इलाकों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।
sonbhadra
11:03 AM, Aug 27, 2026
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ओबरा डैम से पानी की निकासी के दौरान बांध पर निगरानी करते प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ओबरा।
सोनभद्र।
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वर्षाऋतु में लगातार हो रही बारिश और ओबरा डैम के कैचमेंट एरिया से पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए जिला प्रशासन ने बांध के जलस्तर पर निगरानी तेज कर दी है। जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए डैम की सुरक्षा के दृष्टिगत बीती रात 2:20 बजे जिलाधिकारी के आदेश पर ओबरा डैम के गेट नंबर-08 को तीन फीट खोलकर पानी की निकासी की गई। प्रशासन और बांध प्रबंधन की ओर से जलस्तर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ओबरा बांध का पूर्ण जलस्तर (एफआरएल) 193.24 मीटर निर्धारित है। आसपास के कैचमेंट क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण बांध में पानी की आवक बढ़ रही है। ऐसे में जलस्तर को निर्धारित सीमा के भीतर बनाए रखने और बांध की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पानी की निकासी की गई। अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में बारिश और पानी की आवक की स्थिति को देखते हुए बांध के गेट खोलने या बंद रखने को लेकर आगे का निर्णय जिला प्रशासन और बांध प्रबंधन द्वारा लिया जाएगा। डैम से छोड़ा गया पानी रेणु नदी के रास्ते करीब 11 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद सोन नदी में प्रवाहित होता है। पानी की निकासी के चलते सोन नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने दोनों नदियों के किनारे बसे क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने चकाड़ी, गुरुच, महलपुर, गोठानी, खैरटीया, वर्दिया एवं सिन्दुरिया गांवों के नागरिकों से नदी, जलप्रवाह वाले क्षेत्रों तथा निचले स्थानों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने को कहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी और जलप्रवाह वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर चले जाएं। अधिकारियों को भी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर एहतियाती कदम उठाए जाएंगे।
