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मुख्य खबरें/न्यूज़/sonbhadra news on the 77th republic day chief general manager r k aggarwal hoisted the flag and addressed

Sonbhadra News: 77वां गणतंत्र दिवस पर मुख्य महाप्रबंधक आर.के. अग्रवाल ने ध्वजारोहण कर संबोधित किया.

ओबरा ताप विद्युत परियोजना के गांधी मैदान में 77वां गणतंत्र दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक इं. आर.के. अग्रवाल ने सुबह 8:30 बजे ध्वजारोहण किया। भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए यह आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के लगभग 500 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की, जिससे आयोजन भव्य और हर्षोल्लासपूर्ण रहा।

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2:40 PM, Jan 27, 2026

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Sonbhadra News: 77वां गणतंत्र दिवस पर मुख्य महाप्रबंधक आर.के. अग्रवाल ने ध्वजारोहण कर संबोधित किया.
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इं. आर.के. अग्रवाल ने उपस्थित जनसमूह को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।

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Story By: अनुज जायसवाल।

सोनभद्र।

ओबरा ताप विद्युत परियोजना के गांधी मैदान में 77वां गणतंत्र दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक इं. आर.के. अग्रवाल ने सुबह 8:30 बजे ध्वजारोहण किया। भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए यह आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के लगभग 500 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की, जिससे आयोजन भव्य और हर्षोल्लासपूर्ण रहा। अपने संबोधन में इं. आर.के. अग्रवाल ने उपस्थित जनसमूह को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने संविधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसमें लोकतंत्र, समता, पंथनिरपेक्षता और विधि के शासन को महत्ता दी गई है, तथा समाजवादी व्यवस्था की स्थापना के लिए योजनाबद्ध विकास पर बल दिया गया। यह संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ था, जिसके साथ ही भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य बना। अग्रवाल ने ऊर्जा संसाधनों के सही उपयोग और संरक्षण की जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य न केवल आज के लिए, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सस्ती और स्थिर ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखना है। उन्होंने ओबरा तापीय परियोजना के योगदान को महत्वपूर्ण बताया, जो नवाचार और प्रौद्योगिकी के साथ ऊर्जा उत्पादन में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कर रही है। उन्होंने प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और वन्यजीव संरक्षण जैसी मौजूदा समस्याओं पर भी विचार करने का आह्वान किया, और तापीय परियोजनाओं को इनके समाधान के लिए सकारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता बताई।

अग्रवाल ने कहा कि विद्युत ऊर्जा के क्षेत्र में ओबरा तापीय परियोजना एक अग्रणी रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ओबरा 'बी' परियोजना की 200 मेगावाट क्षमता की पांचों इकाइयां पुरानी हो चुकी हैं, फिर भी अधिकारी और कर्मचारी सस्ती एवं अधिकतम विद्युत उत्पादन के लिए लगातार प्रयासरत हैं। ओबरा तापीय परियोजना की इकाई संख्या 11, जो 1977 से कार्यरत है और भारत की पहली 200 मेगावॉट इकाई होने का गौरव रखती है, पूर्ण क्षमता पर विद्युत उत्पादन कर रही है। इसके साथ ही, ओबरा 'बी' परियोजना की सभी पांचों इकाइयां भी अपनी पूरी क्षमता से निर्बाध बिजली उत्पादन कर रही हैं। इन इकाइयों का विद्युत उत्पादन विगत वर्षों की तुलना में कहीं बेहतर रहा है। ओबरा में 2x660 मेगावॉट क्षमता वाली ओबरा 'सी' परियोजना का निर्माण कार्य 22 दिसंबर 2016 को शुरू हुआ था। यह परियोजना कोरोना महामारी के दौरान भी विषम परिस्थितियों में लगातार जारी रही। वर्तमान में ओबरा 'सी' परियोजना की दोनों 660 मेगावॉट क्षमता की इकाइयां पूर्ण क्षमता पर संचालित हैं। आज ओबरा परियोजना कुल 2320 मेगावॉट विद्युत उत्पादन कर देश की अग्रणी विद्युत उत्पादन इकाइयों में से एक बन गई है। इसके अतिरिक्त, 800 मेगावॉट की दो इकाइयों वाली ओबरा 'डी' तापीय परियोजना का कार्य अब प्रारंभिक चरण में है। यह नई परियोजना न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी और रोजगार के अवसर सृजित करेगी, बल्कि देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को संतुलित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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इस महत्वपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए स्थानीय जनता का समर्थन, जनभागीदारी, प्रशासनिक सहयोग और सामाजिक समन्वय अत्यंत आवश्यक है। मुख्य महाप्रबंधक ने प्रत्येक नागरिक से अपील की है कि वे इस राष्ट्रीय महत्व की परियोजना में सकारात्मक भूमिका निभाएं, ताकि ओबरा और उत्तर प्रदेश का नाम देश के विकास मानचित्र पर और भी ऊंचा उठ सके। विद्युत ऊर्जा के क्षेत्र में ओबरा तापीय परियोजना सदैव एक अग्रणी रही है, और इसलिए अधिक से अधिक विद्युत उत्पादन की जिम्मेदारी भी हम पर है। उपरोक्त वर्णित नई इकाइयों के पूरी तरह से चालू हो जाने के बाद, ओबरा परियोजना एक बार फिर देश में सर्वाधिक विद्युत उत्पादन करने वाली इकाइयों में से एक बन जाएगी। ओबरा तापीय परियोजना के अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण, कुशलता और विशेषज्ञता पर हमें गर्व है। इस वर्ष एक समारोह में विभिन्न विद्यालयों के लगभग 500 छात्र-छात्राओं ने ऐतिहासिक रूप से भाग लिया। इस सहभागिता ने आयोजन को और भी भव्य, अनुशासित और गरिमामयी बना दिया। विद्यालयों के शिक्षकों, समन्वयकों और विद्यार्थियों की इस सक्रिय भागीदारी ने न केवल राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ किया, बल्कि सामाजिक सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत किया। समारोह में मुख्य अभियन्तागण इं. एस.एन. मिश्रा, इं. एस.के. सिंघल, इं. दिवाकर स्वरूप, सी.आई.एस.एफ. कमाण्डेट एस.के. सिंह तथा अधीक्षण अभियन्तागण इं. मणि शंकर राय, इं. डी. के. सिंह, इं. अब्दुल निशात, इं. सुधान्शु यादव, इं. बिनोद पाण्डेय, इं. अजय उपाध्याय, इं. चन्द्रमा प्रसाद एवं उप महाप्रबन्धक(लेखा) अखिलेश त्रिपाठी, सी.एम.ओ. डा. पी.के. सिंह, अधिशासी अभियन्ता इं. सदानन्द यादव तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी यथा शेष नाथ यादव, धनंजय शुक्ला अरूण कुमार सिंह व अन्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अनुराग मिश्र द्वारा किया गया।


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