Sonbhadra News: निषादराज बोट सब्सिडी योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन फिर शुरू, 24 जुलाई तक करें आवेदन.
मत्स्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निषादराज बोट सब्सिडी योजना सहित विभिन्न योजनाओं के ऑनलाइन आवेदन दोबारा शुरू कर दिए हैं। इच्छुक मत्स्य पालक 24 जुलाई तक विभागीय पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित सभी जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए सहायक निदेशक मत्स्य कार्यालय, विकास भवन सोनभद्र से संपर्क किया जा सकता है।
sonbhadra
6:27 PM, Jul 14, 2026
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निषादराज बोट सब्सिडी योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन फिर शुरू, 24 जुलाई तक पात्र मत्स्य पालक कर सकेंगे आवेदन।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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मत्स्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत संचालित राज्य सेक्टर की विभिन्न योजनाओं, विशेष रूप से निषादराज बोट सब्सिडी योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पुनः शुरू कर दी है। विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र मत्स्य पालकों को योजना का लाभ उपलब्ध कराना है। इसके लिए विभागीय पोर्टल दोबारा खोल दिया गया है, जिससे छूटे हुए इच्छुक अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकें। सहायक निदेशक मत्स्य, सोनभद्र ने बताया कि इच्छुक आवेदक 9 जुलाई 2026 से 24 जुलाई 2026 तक विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और निर्धारित समय सीमा के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसलिए पात्र अभ्यर्थियों से समय रहते आवेदन करने की अपील की गई है। उन्होंने बताया कि योजना से संबंधित परियोजना का विवरण, इकाई लागत, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक अभिलेख तथा अन्य दिशा-निर्देश विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध हैं। आवेदक सभी जानकारी का अध्ययन कर निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं। योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को बोट खरीदने के लिए अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनकी आजीविका को मजबूती मिलेगी और मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। मत्स्य विभाग ने जिले के सभी पात्र मत्स्य पालकों एवं मछुआरा समुदाय से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय से आवेदन करें। आवेदन से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी या तकनीकी सहायता के लिए इच्छुक अभ्यर्थी कार्यालय अवधि में सहायक निदेशक मत्स्य, द्वितीय तल, विकास भवन, सोनभद्र स्थित कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। विभाग का मानना है कि इस योजना के माध्यम से मत्स्य पालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और जिले में मत्स्य पालन व्यवसाय को नई गति मिलेगी।



