Sonbhadra News: छात्र हितों को लेकर एकजुट हुए संगठन, पेपर लीक और सोनम वांगचुक के मुद्दे पर प्रदर्शन.
रॉबर्ट्सगंज में पेपर लीक के विरोध और सोनम वांगचुक के समर्थन में छात्र-युवा संगठनों ने प्रदर्शन किया। आम आदमी पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, आजाद समाज पार्टी, भीम आर्मी सहित कई संगठनों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा गया।
sonbhadra
9:00 PM, Jul 20, 2026
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रॉबर्ट्सगंज के स्वर्ण जयंती चौक पर पेपर लीक के विरोध और सोनम वांगचुक के समर्थन में नारेबाजी करते छात्र-युवा व विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे कथित पेपर लीक मामलों तथा पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में सोमवार को सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज स्थित स्वर्ण जयंती चौक पर छात्र-युवा संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, आजाद समाज पार्टी, भीम आर्मी सहित विभिन्न छात्र-युवा संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद जुलूस निकालकर उपजिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और पोस्टर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पोस्टरों पर "पेपर लीक बंद करो", "छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो" और "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" जैसे नारे लिखे थे। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि लगातार हो रही कथित परीक्षा अनियमितताओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का शिक्षा व्यवस्था से भरोसा उठता जा रहा है।
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उन्होंने सरकार से पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष रमेश गौतम, नीरज पाण्डेय, आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष रविकांत तथा अधिवक्ता समृद्धि कुशवाहा ने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो युवाओं का लोकतांत्रिक संस्थाओं से विश्वास कमजोर होगा। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को जबरन सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया। उन्होंने सरकार से आंदोलनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करने तथा छात्रों से संवाद स्थापित करने की मांग की। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन के अंत में राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, महिलाएं एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
