Sonbhadra News: धान खरीद बंद, किसान परेशान, सपा ने दी चेतावनी स्थित नहीं सुधरी तो डीएम कार्यालय का करेंगे घेराव.
समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने 17 जनवरी, 2026 को धान क्रय केंद्र हाट शाखा पर किसानों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन धान की खरीद बंद होने और किसानों को हो रही परेशानी के विरोध में किया गया।
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9:22 PM, Jan 17, 2026
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भाजपा सरकार किसानों को परेशान कर रही है- सपा
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने 17 जनवरी, 2026 को धान क्रय केंद्र हाट शाखा पर किसानों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन धान की खरीद बंद होने और किसानों को हो रही परेशानी के विरोध में किया गया। सपा जिला सचिव प्रमोद यादव ने बताया कि पिछले लगभग पांच दिनों से धान की खरीद बंद है, जिससे किसान परेशान हैं। उन्होंने क्रय केंद्र प्रभारी से बात की तो उन्हें बोरों की कमी का हवाला देकर टाल दिया गया। प्रमोद यादव ने चेतावनी दी कि यदि सोमवार से धान की खरीद दोबारा शुरू नहीं हुई तो समाजवादी पार्टी जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करेगी और धरना प्रदर्शन करेगी। सपा नेता मनीष त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों को परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि शासनादेश के अनुसार 27 तारीख तक धान की खरीद की जानी चाहिए। सरोज पटेल ने भी किसानों को लगातार परेशान किए जाने पर चिंता व्यक्त की। प्रमोद यादव ने आरोप लगाया कि धान खरीद बंद होने के कारण किसानों के ट्रैक्टरों से बैटरी चोरी होने जैसी घटनाएं भी हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इस समस्या पर मूकदर्शक बना हुआ है।
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प्रमोद यादव के अनुसार, क्रय केंद्र प्रभारी ने बोरे के अभाव को खरीद बंद होने का कारण बताया। उन्होंने यह भी कहा कि जब प्रभारी से इस बारे में अधिक बात की गई, तो वे उठकर चले गए। सपा नेता ने मांग की है कि जल्द से जल्द धान क्रय केंद्र पर खरीद शुरू की जाए ताकि किसानों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक खरीद चालू नहीं होती है, तो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता वृहद आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे और जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे। क्रय केंद्र प्रभारी ने स्वीकार किया कि खरीद एक हफ्ते से बंद है और लगभग 60-70 गाड़ियां लगी हुई हैं, लेकिन खरीदारी नहीं हो रही है। किसानों ने भी अपनी परेशानी बताई है। प्रमोद यादव ने जिलाधिकारी से जल्द से जल्द खरीद प्रक्रिया शुरू कराने की अपील की है।
किसान विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि वह अपने ट्रैक्टर और चाचा अपनी गाड़ी लेकर मंडी पहुंचे हैं। उनके अनुसार, मंडी में 25 से 30 अन्य किसानों की गाड़ियां भी पिछले एक हफ्ते से खड़ी हैं, लेकिन धान की खरीद नहीं हो पा रही है। पांडेय ने आरोप लगाया कि बड़े किसानों और व्यापारियों का धान पहले खरीदा जा रहा है, जबकि छोटे किसानों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके पास 47 क्विंटल धान है, लेकिन अधिकारियों से बात करने पर उन्हें बताया जाता है कि धान खरीद बंद हो गई है या कोटा भर गया है। अधिकारियों द्वारा टोकन भी नहीं दिए जा रहे हैं। एक हफ्ते से अपनी गाड़ियां लेकर खड़े किसान रात में बिस्तर और रजाई लेकर मंडी में ही रुक रहे हैं। पांडेय ने कहा, 'जब हम चार महीने धूप, बरसात और ठंड में अन्न पैदा करते हैं, तो एक हफ्ता क्या, एक महीना भी यहां रुकने को तैयार हैं।' उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही धान खरीद शुरू नहीं हुई, तो वे आंदोलन करेंगे। 'अभी हम यहां खड़े हैं, लेकिन जब हमें समय नहीं दिया जाएगा, तो हम अपनी पूरी गाड़ी और ट्रैक्टर लेकर सड़क पर उतरेंगे और यहां से जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च करेंगे,' उन्होंने कहा। किसानों को मजबूरी में मिलरों को कम दाम (18 रुपये प्रति क्विंटल) पर धान बेचना पड़ रहा है, जबकि सरकारी दर 23 रुपये 70 पैसे है। किसानों का कहना है कि उन्हें अपनी अगली फसल (गेहूं, सब्जियां) की बुवाई और सिंचाई के लिए खेत खाली करने हैं, इसलिए वे अपना समय मंडी में बर्बाद नहीं कर सकते। यदि एक हफ्ते और रुकना पड़ा, तो उनके हाथ से गेहूं की फसल भी निकल जाएगी। बारिश के कारण धान की गुणवत्ता पहले ही प्रभावित हुई है और कम दरों के कारण किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। इस मौके पर कृष्ण कुमार, सुरेश अग्रहरी, जुनैद अंसारी, अरविंद पटेल, दसरत कुशवाहा और दीपक सिंह यादव सहित कई अन्य कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे।



