Sonbhadra News: छह साल से जर्जर परसाटोला-चैनपुर मार्ग, बारिश में 2 फीट पानी से आवागमन ठप.
बभनी क्षेत्र में परसाटोला बाजार से चैनपुर को जोड़ने वाला करीब 300 मीटर मार्ग छह वर्षों से जर्जर है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और जलभराव होने से ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है। बारिश में एक से दो फीट तक पानी भरने से स्कूली बच्चों और मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से जर्जर मार्ग का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की है।
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4:40 PM, Aug 23, 2026
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परसाटोला-चैनपुर मार्ग पर जलभराव से सड़क बनी तालाब, ग्रामीणों का आवागमन हुआ मुश्किल।
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Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, बभनी।
सोनभद्र।
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बभनी क्षेत्र में परसाटोला बाजार से चैनपुर को जोड़ने वाला मार्ग पिछले कई वर्षों से जर्जर स्थिति में है। यह सड़क कीचड़ और गड्डों से भरी होने के कारण स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। ग्रामीणों ने कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन अभी तक इसका निर्माण नहीं हो पाया है। उन्होंने जिलाधिकारी से इस मार्ग के शीघ्र निर्माण की मांग की है। जानकारी के अनुसार बभनी ब्लॉक के परसाटोला तिराहे से चैनपुर तक का यह मार्ग पिछले छह वर्षों से खराब है। लगभग तीन सौ मीटर का यह संपर्क मार्ग पूरी तरह से गड्डों से भरा हुआ है। यह सड़क चैनपुर पोखरा, मुनगाडीह, चकसानी और मचबन्धवां जैसे कई गांवों के लिए एकमात्र रास्ता है। बरसात के मौसम में सड़क पर एक से दो फीट तक पानी भर जाता है, जिससे आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पैदल चलना और बाइक से निकलना लगभग असंभव हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। सड़क की खराब स्थिति के कारण क्षेत्र का विकास और दैनिक संपर्क गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। उखड़ी गिट्टियां और जलभराव दोपहिया तथा चार पहिया वाहनों के लिए चुनौती बन गए हैं। जर्जर मार्ग के कारण एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाएं भी समय पर गांवों तक नहीं पहुंच पातीं, जिससे आपातकालीन स्थितियों में परेशानी होती है। छात्रों को भी स्कूल और कॉलेज जाने में रोज दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के लिए कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को आवेदन दिए हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सरकार हर साल सड़कों को गड्ढामुक्त करने का वादा करती है, लेकिन अधिकारियों की कथित लापरवाही के कारण यह काम रुका हुआ है। ग्रामीण केशवदास, रामचन्द्र, अजय सिंह, विनोद कुमार, अरविंद, शिवशंकर, सुरेश और रमेश कुमार ने जिलाधिकारी से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि गर्मियों में किसी तरह काम चल जाता है, लेकिन बारिश में लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है।
