Sonbhadra News: ढाई साल से फाइलों में घूम रही फाटबंदी, कोर्ट के आदेश के बाद भी राजस्व अमला बेखबर!
मधुपुर निवासी मंजू देवी ने जिलाधिकारी सोनभद्र और डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि डिप्टी कलेक्टर रॉबर्ट्सगंज द्वारा 31 अक्टूबर 2023 को पारित फाटबंदी के आदेश का अब तक अनुपालन नहीं किया गया है। महिला का कहना है कि राजस्व निरीक्षक और लेखपाल द्वारा लगातार हीलाहवाली की जा रही है। नोटिस जारी होने के बावजूद निर्धारित तिथि पर नापी नहीं की गईं।
sonbhadra
6:52 PM, Jun 17, 2026
Share:


जमीन की फाटबंदी को लेकर न्याय की गुहार लगाती पीड़िता मंजू देवी, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन को सौंपा शिकायती पत्र।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
न्यायालय के आदेश का सम्मान करने की जिम्मेदारी जिन कंधों पर है, उन्हीं के स्तर पर यदि आदेश फाइलों की धूल फांकने लगे तो आम आदमी आखिर जाए तो जाए कहां? कुछ ऐसा ही मामला रॉबर्ट्सगंज तहसील क्षेत्र के मधुपुर गांव से सामने आया है, जहां एक महिला ने आरोप लगाया है कि न्यायालय द्वारा पारित फाटबंदी के आदेश के ढाई वर्ष बाद भी जमीन का सीमांकन नहीं कराया जा सका है। मधुपुर निवासी मंजू देवी ने जिलाधिकारी सोनभद्र और डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन को दिए गए शिकायती पत्र में कहा है कि डिप्टी कलेक्टर रॉबर्ट्सगंज ने 31 अक्टूबर 2023 को उनकी पैतृक भूमि की फाटबंदी और सीमांकन का आदेश दिया था।
विज्ञापन
आदेश में राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को मौके पर जाकर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए थे। लेकिन महिला का आरोप है कि आदेश आज भी सरकारी कागजों में ही सीमित है। शिकायत के अनुसार, एक जून 2026 को राजस्व विभाग की ओर से आठ जून को नापी कराने के लिए नोटिस भी जारी किया गया था। ग्रामीण और संबंधित पक्ष निर्धारित समय पर मौके पर पहुंचे, लेकिन जिन अधिकारियों को नापी करानी थी, वे ही नहीं पहुंचे। आरोप है कि बाद में फोन करने पर भी तरह-तरह के बहाने बनाकर मामले को टाल दिया गया।
महिला का कहना है कि उनके पिता बीमार हैं और उन्हें स्वयं न्याय की लड़ाई लड़नी पड़ रही है। सवाल यह है कि जब न्यायालय का स्पष्ट आदेश मौजूद है, तब उसके पालन में आखिर किस बात की बाधा है? यदि आदेश का अनुपालन ही नहीं होना था तो नोटिस जारी करने की औपचारिकता क्यों की गई? मामले को डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने भी गंभीरता से लिया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इसे न्यायालय के आदेश की अवहेलना बताते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो विधिक और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
