Sonbhadra News: जनहित से खिलवाड़ पड़ा महंगा, पुल निर्माण एजेंसी पर डीएम का बड़ा प्रहार, ठेकेदार पर 20 लाख की पेनाल्टी.
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने घाघर नदी पर निर्माणाधीन सेतु, पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। कार्य में लगातार देरी और पूर्व में दिए गए आश्वासन के बावजूद गर्डर लॉन्चिंग पूरी न होने पर डीएम ने ठेकेदार मेसर्स परीक्षित निर्माणक पर 20 लाख रुपये की एलडी पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए।
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7:07 PM, Jun 24, 2026
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घाघर नदी सेतु निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को निर्देश देते जिलाधिकारी चर्चित गौड़।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
जनपद में विकास कार्यों की धीमी प्रगति को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कड़ा रुख अपनाते हुए पटवध-बसुहारी मार्ग पर घाघर नदी के ऊपर निर्माणाधीन सेतु परियोजना में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार पर 20 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और कार्य में देरी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई एवं समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने घाघर नदी पर निर्माणाधीन सेतु, पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा में सामने आया कि परियोजना की प्रगति निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नहीं है और निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था और ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई। बैठक में बताया गया कि परियोजना को लेकर पूर्व में कई बार समीक्षा की जा चुकी है तथा ठेकेदार द्वारा 20 जून 2026 तक गर्डर लॉन्चिंग का कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद कार्य पूरा नहीं हो सका। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित ठेकेदार मेसर्स परीक्षित निर्माणक पर 20 लाख रुपये की लिक्विडेटेड डैमेज (एलडी) पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए। यह राशि ठेकेदार के आगामी भुगतानों से काटी जाएगी। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के हजारों लोगों की सुविधा से जुड़ी हुई है। पुल निर्माण पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी तथा क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी। इसलिए किसी भी स्तर पर देरी स्वीकार नहीं की जा सकती। बैठक के दौरान ठेकेदार द्वारा 24 जून 2026 से आगामी 50 दिनों के भीतर, यानी 12 अगस्त 2026 तक सम्पूर्ण निर्माण कार्य पूरा करने की सहमति व्यक्त की गई। साथ ही एक विस्तृत साप्ताहिक कार्ययोजना भी प्रस्तुत की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक सप्ताह कार्यस्थल पर वास्तविक प्रगति दिखाई देनी चाहिए और प्रस्तुत कार्ययोजना का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा नहीं हुआ अथवा साप्ताहिक लक्ष्य से कम प्रगति पाई गई तो अतिरिक्त पेनाल्टी लगाने के साथ ही और कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर कार्य की निगरानी करने तथा किसी भी प्रकार की बाधा को तत्काल दूर करने के निर्देश भी दिए, ताकि परियोजना को समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जा सके। जिलाधिकारी की इस सख्ती के बाद अब सभी की निगाहें घाघर नदी सेतु परियोजना पर टिकी हैं कि निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा हो पाता है या नहीं।
