Sonbhadra News: पुलिस ने पकड़ा नकली शराब का अंतर्राज्यीय सिंडिकेट, ट्रेलर से 36 हजार बोतलें और शराब बनाने का सामान बरामद.
पुलिस ने बिहार में नकली शराब की सप्लाई करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में एक ट्रेलर से 600 लीटर रेक्टिफाइड स्पिरिट, 36 हजार खाली शराब की बोतलें और नकली शराब बनाने में प्रयुक्त अन्य सामग्री बरामद कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बिहार में नकली शराब तैयार कर नामी कंपनियों के नाम से बेचने की साजिश का खुलासा किया है।
sonbhadra
7:01 PM, Jul 6, 2026
Share:


नकली शराब बनाने की सामग्री से भरे ट्रेलर के साथ गिरफ्तार दोनों तस्कर और बरामद सामान का खुलासा करती सोनभद्र पुलिस।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
विज्ञापन
जिले की रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली शराब बनाने और बिहार में सप्लाई करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक ट्रेलर से बड़ी मात्रा में अवैध शराब निर्माण में प्रयुक्त सामग्री बरामद कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से बिहार में नकली शराब की बड़ी खेप पहुंचने से पहले ही रोक दी गई। पुलिस के अनुसार सूचना मिली थी कि ग्राम बट्ट स्थित मामा ढाबा परिसर में खड़े ट्रेलर संख्या NL-01AA-9920 में संदिग्ध सामग्री लदी हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से पूरी तलाशी की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई। तलाशी के दौरान ट्रेलर के ऊपरी हिस्से में करीब 36 हजार खाली कांच की शराब की बोतलें रखी मिलीं, जबकि नीचे 600 लीटर रेक्टिफाइड स्पिरिट, 46 किलोग्राम कैरेमल, पांच लीटर फ्लेवरिंग एसेंस और यूनाइटेड स्पिरिट ब्रांड के 160 पैकिंग टेप बरामद किए गए।पुलिस ने मौके से हरियाणा के झज्जर निवासी हरिओम पंवार (39) और दिनेश पंवार (32) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पंजाब के खन्ना (लुधियाना) से यह सामग्री लेकर बिहार-झारखंड सीमा के हरिहरगंज क्षेत्र जा रहे थे। वहां नकली शराब तैयार कर प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम से बिहार में बिक्री की जानी थी। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि परिवहन के लिए प्रयुक्त बिल्टी और अन्य दस्तावेज फर्जी थे तथा पूरे गिरोह का संचालन व्हाट्सएप कॉल और मोबाइल के माध्यम से किया जाता था। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि बरामद सामग्री से 25 से 30 लाख रुपये मूल्य की नकली शराब तैयार की जा सकती थी। यदि यह शराब बाजार में पहुंच जाती तो लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। उन्होंने बताया कि ट्रेलर के दस्तावेजों और इंजन नंबर की जांच कराई जा रही है। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
