Sonbhadra News: पुलिस ने नए आपराधिक कानून पर जागरूकता अभियान चलाया, छात्रों को BNS की धाराओं की जानकारी दी.
ओबरा पुलिस ने स्वामी सत्यानंद सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में नए आपराधिक कानून (BNS) पर एक जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान लगभग 150 छात्रों को कानून में हुए बदलावों और उनके प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस अब घर पर आकर भी कानूनी प्रक्रिया के तहत शिकायतें सुन सकती है। इस अभियान में क्षेत्रधिकारी ओबरा हर्ष पांडेय, थाना प्रभारी ओबरा विजय चौरसिया, दो सब इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल शामिल थे।
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6:25 PM, Nov 2, 2025
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ओबरा पुलिस ने स्कूल में नए आपराधिक कानून (BNS) पर एक जागरूकता अभियान चलाया।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
ओबरा पुलिस ने स्वामी सत्यानंद सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में नए आपराधिक कानून (BNS) पर एक जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान लगभग 150 छात्रों को कानून में हुए बदलावों और उनके प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई।
पुलिस अब घर पर आकर भी कानूनी प्रक्रिया के तहत शिकायतें सुन सकती है। इस अभियान में क्षेत्रधिकारी ओबरा हर्ष पांडेय, थाना प्रभारी ओबरा विजय चौरसिया, दो सब इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल शामिल थे। छात्रों ने कानून प्रक्रिया से संबंधित अपनी शंकाएं पूछीं, जिनका पुलिस टीम ने समाधान किया।
स्कूल की प्रिंसिपल संध्या देवी ने बताया कि पुलिस टीम ने छात्रों को नए कानूनों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले एफआईआर दर्ज कराने में दिक्कतें आती थीं, लेकिन अब किसी भी घटना के तुरंत बाद एफआईआर की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
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प्रिंसिपल ने यह भी बताया कि यदि किसी कम उम्र के बच्चे के साथ कोई घटना या दुर्घटना होती है, तो उसकी काउंसलिंग की जाती है। 18 साल की उम्र होने पर उस घटना का बच्चे के जीवन पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता, जिससे वह अपना जीवन अच्छे से जी सकता है और भविष्य में सफल हो सकता है।
एक स्कूली छात्रा ने बताया कि सीओ और एसएचओ सहित कई अधिकारियों ने कानून में हुए बदलावों और गर्ल्स एक्टिविटी के बारे में जानकारी दी। एक अन्य छात्रा ने बताया कि उन्हें 'क्राइम' और 'BNS' की धाराओं के बारे में विस्तार से समझाया गया।
एक छात्रा ने तलाक से संबंधित सवाल पूछा कि यदि कोई लड़की तलाक चाहती है और उसका पति इसके लिए तैयार नहीं है, तो क्या वह तलाक ले सकती है। इस पर पुलिस टीम ने बताया कि यदि मामला कोर्ट में जाता है और काउंसलिंग के बाद यह गंभीर विषय पाया जाता है कि पति द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है, तो कानूनी प्रक्रिया के बाद तलाक लिया जा सकता है।



