Sonbhadra News: NTPC रिहंद परिसर में एंबुलेंस का इंतजार करती रही गर्भवती, EDC के सामने हुआ प्रसव.
बीजपुर के NTPC रिहंद परिसर में समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंचने पर गर्भवती महिला ने EDC के सामने बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि करीब एक घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा, बाद में महिला को धन्वंतरी अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद NTPC की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था और एंबुलेंस सेवा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
sonbhadra
6:32 PM, Oct 1, 2026
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एनटीपीसी रिहंद परिसर में प्रसव पीड़ा से परेशान महिला ने एंबुलेंस का इंतजार करते हुए EDC सामने बच्चे को जन्म दिया।
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Story By: नीरज गुप्ता, बीजपुर।
सोनभद्र।
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एनटीपीसी रिहंद परिसर में गुरुवार सुबह समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए एक गर्भवती महिला के परिजनों ने स्वास्थ्य एवं आपातकालीन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। बताया गया कि प्रसव पीड़ा बढ़ने के बाद महिला को एनटीपीसी परिसर स्थित कर्मचारी विकास केंद्र (EDC) के सामने लाया गया, जहां एंबुलेंस का इंतजार करते-करते महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। जानकारी के अनुसार डोढर निवासी अर्जुन की पत्नी रेशमा को गुरुवार सुबह करीब नौ बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन उसे लेकर एनटीपीसी परिसर पहुंचे। EDC के सामने महिला की हालत बिगड़ने लगी तो परिजनों और आसपास मौजूद लोगों ने एंबुलेंस के लिए फोन किया। परिजनों का आरोप है कि लगातार सूचना देने के बावजूद करीब एक घंटे तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इसी दौरान महिला ने EDC के सामने ही बच्चे को जन्म दे दिया। प्रसव के बाद परिजन महिला और नवजात की स्थिति को लेकर परेशान रहे। करीब एक घंटे बाद एंबुलेंस के पहुंचने पर महिला को एनटीपीसी धन्वंतरी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि घटना के दौरान एनटीपीसी के कई अधिकारी भी इसी मार्ग से गुजर रहे थे, लेकिन किसी ने मौके पर रुककर महिला की स्थिति जानने या तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की पहल नहीं की। इसको लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बताई जा रही है। पीड़ित परिवार डोढर का निवासी और अनुसूचित जाति समुदाय से होने के कारण परिजनों ने एनटीपीसी की स्वास्थ्य सुविधाओं तक ग्रामीणों की पहुंच को लेकर भी सवाल उठाए हैं। परिवार की ओर से भेदभाव के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि एंबुलेंस के लिए किए गए फोन, कॉल रिसीव होने का समय, एंबुलेंस के रवाना होने और मौके पर पहुंचने के समय की जांच होनी चाहिए। साथ ही यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जाए। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि एनटीपीसी परिसर में मौजूद गर्भवती महिला को आपात स्थिति में समय पर एंबुलेंस और चिकित्सा सहायता क्यों नहीं मिल सकी। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।


